Saturday, July 25th, 2026

पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई: बिहार से दबोचा गया मुख्य आरोपी, NTA के 47 अधिकारी हटाए गए

 नई दिल्ली
   महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे कथित पेपर लीक माफिया बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है। 

महाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक, बिजेंद्र गुप्ता कई महीनों से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था. उसे पकड़ने के लिए बिहार समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही थी.आखिरकार पुलिस ने उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया। 

बिजेंद्र गुप्ता का नाम देश के कई चर्चित पेपर लीक मामलों में सामने आ चुका है. साल 2024 में NEET पेपर लीक विवाद के बाद स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर पेपर लीक सिंडिकेट के काम करने के तरीके और NTA की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को लेकर कई दावे किए थे। 

NTA के 47 अफसर बर्खास्त

एजुकेशन सिस्टम और एग्जाम आदि में बड़े सुधार की दिशा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, NTA ने 47 अधिकारियों को टर्मिनेट कर दिया है. इसके साथ ही कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। 

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है. मंत्रालय का कहना है कि आने वाले दिनों में एजेंसी में सुधार से जुड़े और भी कई अहम कदम उठाए जाएंगे. गौरतलब है कि हाल के समय में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर NTA लगातार विवादों में रही है। 

ऐसे में एजेंसी के ढांचे और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है. शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई NTA के संपूर्ण पुनर्गठन (ओवरहॉल) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जा सके। 

बिजेंद्र गुप्ता चकमा देकर पुलिस से बचता रहा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में इससे पहले बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी समेत कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, बिजेंद्र खुद लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था. उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। 

अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस को उम्मीद है कि पेपर लीक नेटवर्क, उससे जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे सिंडिकेट के संचालन को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है। 

छात्र आंदोलन के बीच बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी अहम
बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के कई हिस्सों में NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र आंदोलन जारी है. CJP के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्र लगातार पेपर लीक सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में महाराष्ट्र TET पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

NTA में केवल 39 स्थायी कर्मचारी
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में NTA के स्टाफ से जुड़ी जानकारी शेयर करते हुए बताया कि एजेंसी में केवल 39 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 73 कर्मचारी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर नियुक्त हैं. शिक्षा मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में कहा कि NTA का काम केवल स्थायी और संविदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि एजेंसी आउटसोर्स स्टाफ और अल्पकालिक आधार पर नियुक्त कर्मियों पर भी काफी हद तक निर्भर रहती है। 

मंत्रालय के अनुसार, परीक्षा की प्रकृति के आधार पर NTA देशभर में विभिन्न परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए ऑब्जर्वर, सिटी कोऑर्डिनेटर, सेंटर सुपरवाइजर, राज्य स्तरीय समन्वय समितियों (SLCC) और जिला स्तरीय समन्वय समितियों (DLCC) के सदस्यों की सेवाएं लेती है. सरकार ने बताया कि इन कर्मियों की तैनाती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, केंद्रीय वित्तपोषित उच्च शिक्षण संस्थानों तथा नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय जैसे सरकारी स्कूलों के सहयोग से असाइनमेंट के आधार पर की जाती ह.। इनकी मदद से देशभर में बड़े पैमाने पर परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न कार्य संपन्न कराए जाते हैं। 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी सरकार!
इससे पहले सूत्रों के हवाले से सामने आया था कि सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी. नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मांग को स्वीकार नहीं करेगी। 

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे और सरकार इसे समस्या का समाधान नहीं मानती. सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि इस्तीफा देना और जिम्मेदारी से पीछे हट जाना सबसे आसान रास्ता है. जनता ने सरकार को जनादेश दिया है और सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था में सुधार करेगी. पूरी पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ी है। 

NTA ने शुरू की भर्ती प्रक्रिया, निकाली वैकेंसी
वहीं दूसरी ओर खबर सामने आई है कि, NTA ने अपने संस्थागत पुनर्गठन (Institutional Restructuring) के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था NTA ने चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर (General Manager) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है. इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिभा सेतु (Pratibha Setu) पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स के आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। 

यह भर्ती प्रक्रिया प्रो. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (High-Level Committee of Experts) की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम मानी जा रही है. यह समिति राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के संचालन को लेकर उठे सवालों और विवादों के बाद गठित की गई थी। 

 

 

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Source : Agency

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