Saturday, June 20th, 2026

UP Politics: चुनावी गर्मी के बीच NDA की OBC रणनीति ने बढ़ाया सियासी तापमान, अखिलेश पर दबाव

 नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिक ऐलान न हुआ हो, लेकिन सियासी बिसात अभी से ही बिछाई जाने लगी है. लोकसभा चुनाव में सपा ने पीडीए समीकरण के जरिए बीजेपी को मात देने में सफल रहे थे. अब चुनावी तपिश बढ़ने के साथ ही डिप्टीसीएम केशव प्रसाद मौर्य, संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर की तिकड़ी इन दिनों अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और सपा के 'पीडीए फार्मूले' को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं? 

अखिलेश यादव 2024 के फार्मूले से ही 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. सपा की कोशिश पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ ब्राह्मण वोटों को जोड़ने की है. इसके अलावा अखिलेश यादव इन दिनों 'विजन इंडिया' के जरिए बीजेपी के कोर वोटबैंक माने जाने वाले व्यापारियों को अपने पाले में करने की रणनीति है। 

सपा एक मजबूत सोशल इंजीनियरिंग के साथ विधानसभा चुनाव में उतरना चाहती है, जिसके समझते हुए बीजेपी ने अपने ओबीसी नेताओं की एक पूरी फौज सियासी रण में उतार दिया है. इसी के तहत केशव प्रसाद से लेकर संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर हर रोज अखिलेश की सियासी केमिस्ट्री पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। 

अखिलेश के सिरदर्द बने राजभर
योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने 2022 में सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन सरकार बनने के बाद बीजेपी के साथ हो गए थे. वो पूर्वांचल से आते हैं और राजभर समाज के बड़े चेहरे माने जाते हैं. ओबीसी के मुद्दे पर राजभर आक्रमक रहते हैं. 2024 में एनडीए को बिगड़े हुए समीकरण को दुरुस्त करने के मद्देनजर से ओमप्रकाश राजभर  एक तरफ सपा में बगावत की चिंगारी भड़का रहे हैं तो दूसरी ओर अखिलेश के पीडीए पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। 

राजभर यह कह रहे हैं कि सपा में बहुत जल्द बगावत होने वाली है, तमाम लोकसभा सांसद अखिलेश यादव का साथ छोड़ देंगे. इसके लिए कभी बलिया के किसी नेता की तरफ इशारा करते हैं तो कभी मुरादाबाद की सांसद रूची वीरा की तरफ इशारा करते हैं. साथ ही सपा के पीडीए फार्मूले को कठघरे में  खड़ा कर रहे हैं. राजभर ने कहा कि पीडीए का मतलब 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' है। 

ओम प्रकाश राजभर कहते हैं कि सपा नेताओं को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वो दलितों पर होने वाले अत्याचारों के मामलों को सार्वजनिक नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस के आंकड़े बताता हैं कि प्रदेश में दलितों और शोषितों पर अत्याचार करने के मामले में सबसे ज्यादा यादव और मुस्लिम लोग हैं. ओपी राजभर ने दलित उत्पीड़न के आंकड़े भी गिना रहे हैं. इस तरह राजभर बताना चाहते हैं कि दलितों पर होने वाले अत्याचार यादव और मुस्लिम कर रहे हैं, जो सपा का वोटबैंक है। 

संजय निषाद भी सपा पर हमलावर
योगी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी फ्रंटफुट पर उतर गए हैं और अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि सपा के कई बड़े नेता उनके संपर्क में हैं. राजभर से दो हाथ आगे निकलते हुए निषाद कहते हैं कि सपा के 25 सांसद हमारे संपर्क में है, जिसके जरिए बता रहे हैं कि सपा में बड़ी फूट होने वाली है।  

 

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Source : Agency

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