16 जून को मंगल का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर, कई राशियों के बदलेगा भाग्य
मंगल का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर (16 जून 2026) ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से एक बेहद प्रभावशाली और ऊर्जावान घटना माना जा रहा है. मंगल देव को साहस, पराक्रम, भूमि और ऊर्जा का कारक माना जाता है, जबकि कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं. सूर्य और मंगल आपस में परम मित्र हैं. अग्नि तत्व के ग्रह मंगल का अग्नि तत्व के ही नक्षत्र (कृत्तिका) में आना कई राशियों के जीवन में तरक्की की नई राहें खोलेगा. विशेष रूप से यह गोचर साहस, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को शानदार सफलता देगा. आइए जानते हैं कि 16 जून से मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन और किसे मिलेगा बंपर लाभ.
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं. कृत्तिका नक्षत्र में मंगल का आना आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगा. कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी. यदि कोई सरकारी काम लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह इस दौरान पूरा हो सकता है. व्यापार में साहसिक फैसले लेने से बड़ा धन लाभ होगा.
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, जिनके नक्षत्र में मंगल प्रवेश कर रहे हैं. आपके लिए यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं है. समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग बन रहे हैं.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
मंगल आपकी राशि के भी स्वामी हैं. कृत्तिका नक्षत्र में आकर मंगल आपको हर विपरीत परिस्थिति से बाहर निकालेंगे. कोर्ट-कचहरी के मामलों में आपको विजय मिल सकती है. शत्रुओं पर आप भारी पड़ेंगे. आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी. नया वाहन या भूमि खरीदने के योग बनेंगे.
धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर भाग्य में वृद्धि करने वाला साबित होगा.जो छात्र उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. व्यापारिक यात्राएं सफल रहेंगी और निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है.
इन बातों का विशेष ध्यान रखें
वाणी पर नियंत्रण- अति-उत्साह या गुस्से में आकर किसी को अपशब्द न कहें, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं.
वाहन चलाते समय सावधानी- जल्दबाजी में वाहन चलाने से बचें.
उग्रता से बचें- कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अहंकार या बहसबाजी से दूर रहें.


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