Thursday, July 23rd, 2026
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स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, जाली प्रमाणपत्रों पर नौकरी करने वाले 9 लोगों पर FIR

भोपाल 

मध्य प्रदेश में ऐसे डॉक्टरों का नेटवर्क सामने आया है, जिन्होंने फर्जी डिग्री, फर्जी मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन या दूसरे डॉक्टरों के पंजीयन नंबर के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की। इनमें किसी ने दूसरे डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल किया।

मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट पर साधारण सत्यापन से पकड़ी जा सकने वाली इन गड़बड़ियों के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और जिला स्तर के अधिकारियों ने इन्हें संजीवनी क्लीनिकों में पदस्थ कर दिया। जनवरी 2026 से ये लोग मरीजों का इलाज करते रहे।

मामले में भोपाल की चूनाभट्‌टी पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनके नाम डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. हारून, डॉ. शांति, डॉ. सोनम, डॉ. बुद्धमान और डॉ. पवन बताए गए हैं।

मेडिकल काउंसिल से मिलान पर पकड़ाया फर्जीवाड़ा
दरअसल, इन 9 डॉक्टर्स के डिग्री और दस्तावेजों को लेकर एनएचएम दफ्तर को शिकायत मिली थी। जांच में इनके दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब मेडिकल काउंसिल से मिलान कराया गया तो पता चला कि दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर दूसरे डॉक्टरों के नाम पर दर्ज हैं।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि आरोपियों ने असली डॉक्टरों के दस्तावेजों की कॉपी हासिल कर उन्हें एडिट किया। फिर अपने नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए। इनके आधार पर नौकरी हासिल कर वे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे थे।

चूना भट्‌टी पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी करीब पांच महीने तक अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में काम करते रहे।

अंदरूनी मिलीभगत के एंगल से भी जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत तो शामिल नहीं है। भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही या जानबूझकर की गई अनदेखी की भी पड़ताल की जा रही है।

 

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Source : Agency

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