Wednesday, July 22nd, 2026

लक्ष्मण तिवारी के इस्तीफे से कांग्रेस में संकट, भाजपा ने जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए

 भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक ओर संगठन को सशक्त बनाने के लिए संगठन सृजन अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गुटबाजी के आरोप लग रहे हैं। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने गुटबाजी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। उनके आरोप से भाजपा के निशाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आ गए हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा है कि प्रदेश नेतृत्व की 'कार्यकुशलता' से कांग्रेस के नेता ही आहत हैं। यह प्रदेश अध्यक्ष की 'कार्यकुशलता' पर सवाल है। लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी कांग्रेस में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ही उन्हें सदस्यता दिलाई थी।

भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर विधायक

वह 2008 में उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर मऊगंज से विधायक बने। 2013 के विधानसभा चुनाव में मऊगंज सीट से ही भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2018 में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और 10 हजार मत प्राप्त किए। 2023 में समाजवादी पार्टी से होते हुए कांग्रेस में आए। अब उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी।

गुरुवार को रीवा में पत्रकार वार्ता में तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जमीनी मुद्दों से भटक गई है। गुटबाजी हावी है। पार्टी में खींचतान चल रही है, जो भविष्य के लिए हानिकारक है। ईमानदारी से काम करने वालों की बात नहीं सुनी जाती है।

भाजपा का हमला

इस आरोप को आधार बनाकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ने मंच से, हरीश चौधरी व उमंग सिंघार ने दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे-राहुल गांधी के सामने, कमलेश्वर पटेल ने मीडिया में जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए हैं। अब अपनी उपेक्षा से आहत पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी का पार्टी से त्यागपत्र दे दिया जो प्रदेश नेतृत्व की विफलता का प्रमाण है। अब उन्हें झूठ और भ्रम फैलाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

 

#Laxman Tiwari

Source : Agency

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