Tuesday, June 16th, 2026

TMC बागियों का बड़ा खेल, संख्या बल में JDU-TDP को भी पीछे छोड़कर बढ़ाई ममता की मुश्किलें

नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी को कम सीटें आईं तो कहा गया क‍ि बीजेपी अब नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी की बैसाखी के सहारे चलने को मजबूर होगी. लेकिन अब वक्‍त बदलता द‍िख रहा है. टीएमसी के बागी सांसदों ने ऐसा दांव चल द‍िया है, जिससे एनडीए में नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी छोटी हो गई है. इतना ही नहीं, संसद में भी अब बागी गुटों वाली पार्टी पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी होगी। 

ममता बनर्जी का साथ छोड़कर आए 20 सांसदों ने नेशनल‍िस्‍ट स‍िटीजन पार्टी में व‍िलय का ऐलान क‍िया है. इसकी च‍िट्ठी भी लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला को सौंप दी है. लोकसभा स्पीकर के मान्‍यता देते ही बागी सांसदों की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NSPI ) लोकसभा में पांचवीं बड़ी पार्टी बन जाएगी. लेकिन सबसे बड़ा बदलाव एनडीए के अंदर होगा. अभी तक एनडीए में बीजेपी के बाद टीडीपी दूसरी और जेडीयू तीसरी सबसे बड़ी पार्टी थी. क्‍योंक‍ि टीडीपी 16 और जेडीयू के पास 12 सांसद हैं, जबक‍ि बागी सांसदों की पार्टी NSPI के 20 सांसद होंगे। 

बीजेपी, कांग्रेस, सपा, डीएमके के बाद पांचवी बड़ी पार्टी
लोकसभा में बीजेपी के पास 240, कांग्रेस के पास 98, समाजवादी पार्टी के पास 37, DMK के पास 22 लोकसभा के सांसद है. अभी TMC 28 सांसदों के साथ लोकसभा में चौथी बड़ी पार्टी है, लेकिन 20 बागी सांसदों के अलग होने से TMC नीचे पायदान पर चली जाएगी और NSPI पांचवीं बड़ी पार्टी बन जाएगी. NCPI की स्थापना 20 जनवरी, 2023 में हुई थी और इसका मुख्यालय हावड़ा में है. त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव 2023 में इस पार्टी ने लड़ा था, लेकिन अपेक्ष‍ित कामयाबी नहीं म‍िल पाई थी। 

बीजेपी क्‍यों होगी खुश
20 सांसदों का साथ म‍िलने से बीजेपी खुश होगी. क्‍योंक‍ि इनकी बदौलत अब बीजेपी 260 से ऊपर पहुंच जाएगी. यानी बहुमत के करीब. इससे नीतीश कुमार और चंद्रबाबू की पार्टी की बारगेन‍िंग पावर कम हो जाएगी. हालांक‍ि, ये दोनों नेता पीएम मोदी के साथ मजबूत समर्थन जता चुके हैं और एनडीए इनकी बदौलत 300 के काफी आगे न‍िकल चुकी है. सदन में भी यह मौजूदगी बीजेपी के बहुत काम आने वाली है। 

 

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Source : Agency

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