Saturday, July 4th, 2026

Delhi HC की ध्रुव राठी को फटकार, अदालत बोली- भावनाएं आहत करने वाला कंटेंट नहीं चलेगा

नई दिल्ली
यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं. अदालत ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (Grievance Appellate Committee-GAC) को आदेश दिया है कि वह वीडियो हटाने की मांग वाली अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला सुनाए. कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके आदेश की किसी भी तरह की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा। 

यह मामला ध्रुव राठी के इसी साल 21 मार्च को अपलोड किए गए यूट्यूब वीडियो 'क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश' से जुड़ा है. याचिकाकर्ता वकील अमिता सचदेवा का आरोप है कि इस वीडियो में भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण के बारे में कथित तौर पर कहा गया कि वे मांस और शराब का सेवन करते थे, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। 

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा कि यूट्यूब जैसे इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को उचित सावधानी बरतनी चाहिए थी. उनका तर्क था कि आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाना चाहिए था. उन्होंने अदालत से कहा कि ध्रुव राठी का वीडियो नुकसान पहुंचाने वाला है और समाज में फूट डालने वाला कंटेंट है। 

या तो गूगल वीडियो हटाए, या कोर्ट दे आदेश!
एएसजी ने यह भी कहा कि या तो गूगल खुद वीडियो हटाने का फैसला करे या फिर अदालत इस मामले में उचित आदेश पारित करे. उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को मंच नहीं मिलना चाहिए, जो बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता हो। 

15 दिनों के भीतर GAC को देना होगा फैसला- कोर्ट
वहीं गूगल की तरफ से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी अपना जवाब याचिकाकर्ता को दे चुकी है और इस मामले में GAC के सामने अपील भी दायर कर दी गई है. इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने GAC को 15 दिनों के भीतर अपील पर फैसला लेने का निर्देश दिया। 

फिलहाल हाईकोर्ट ने वीडियो हटाने पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है. अब सभी की नजर GAC के फैसले पर टिकी है, जिसे अदालत के निर्देश के मुताबिक अगले 15 दिनों के भीतर अपना फैसला देना होगा। 

 

#Dhruv Rathee

Source : Agency

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