Wednesday, July 8th, 2026

35 किलो चांदी के गुप्तदान से जगमगाया चिंतामण गणेश मंदिर, श्रद्धालुओं के आकर्षण का बना नया केंद्र

उज्जैन 
 धर्म नगरी उज्जैन के
विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की भव्य आभा से जगमगा उठा है। एक गुप्त दानदाता द्वारा करीब 35 किलो चांदी दान किए जाने के बाद गर्भगृह की दीवारों पर आकर्षक चांदी की नक्काशी और वर्क का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस भव्य बदलाव से मंदिर की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ उसकी स्थापत्य सुंदरता भी और अधिक निखरकर सामने आई है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, उज्जैन के एक श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताते हुए लगभग 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चांदी दान की। इस चांदी का उपयोग गर्भगृह की दीवारों पर विशेष डिज़ाइन और कलात्मक नक्काशी तैयार करने में किया गया। मंदिर के प्रशासक अभिषेक शर्मा ने बताया कि इस पूरे कार्य को करीब 15 दिनों में पूरा किया गया। पहले चांदी की नक्काशी तैयार की गई और उसके बाद उसे गर्भगृह की दीवारों पर सावधानीपूर्वक स्थापित किया गया।

प्रशासन का कहना है कि इस कार्य के बाद गर्भगृह की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण और आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब भगवान गणेश के दिव्य स्वरूपों के साथ चांदी से सुसज्जित गर्भगृह की मनमोहक छटा का भी अनुभव कर सकेंगे।

गौरतलब है कि महाकालेश्वर मंदिर से लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान गणेश के तीन स्वयंभू स्वरूप—चिंतामण, इच्छामन और सिद्धिविनायक—विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि चिंतामण स्वरूप भक्तों की चिंताओं का निवारण करते हैं, इच्छामन सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और सिद्धिविनायक सफलता एवं सिद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गर्भगृह में चांदी की नई सजावट ने मंदिर की आध्यात्मिक भव्यता में एक नया अध्याय जोड़ दिया है और श्रद्धालुओं के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।

 

#Chintaman Ganesh Temple

Source : Agency

आपकी राय

9 + 6 =

पाठको की राय