विश्व आदिवासी दिवस पर वन अधिकार मान्यता पत्रधारी होंगे सम्मानित

विश्व आदिवासी दिवस पर वन अधिकार मान्यता पत्रधारी होंगे सम्मानित

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर बस्तर संभाग के जिलों में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को व्यक्तिगत वन अधिकार, सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन अधिकार संसाधन एवं डेयरी पालन के हितग्राही को सम्मानित किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने सहायक आयुक्तों को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए।

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्रों के प्रकरणों की समीक्षा और पात्र लोगों को वन अधिकार पत्र दिया जाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वन अधिकार पत्र वितरण की स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा करने तथा इस बात का ध्यान रखने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही वन अधिकार पत्र प्राप्त करने से वंचित न रहे। बैठक में सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री डी. डी. सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि वन अधिकार पत्रधारकों विशेषकर विशेष रूप से कमजोर जनजाति के व्यक्तियों को शासन की अन्य योजनाओं जैसे-खाद-बीज का लाभ दिलाना, मछली पालन, उद्यानिकी, मनरेगा के अंतर्गत मेड़ बंधान आदि पर, अंत्यावसायी सहकारी एवं वित्त विकास निगम आदि के माध्यम से लाभांन्वित किए जाने को प्राथमिकता दी जाए। वन अधिकार अधिनियम के उचित क्रियान्वयन के संबंध में आदिग्राम पोर्टल पर प्रत्येक हितग्राही के फोटोग्राफ सहित अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज की जानी चाहिए और इस संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाईन अनुसार ही कार्य किया जाए।

मंत्री डॉ. टेकाम ने छात्रावास एवं आश्रमों के निर्माण कार्य में धीमी गति पर नाराज जाहिर करते हुए जिले के सहायक आयुक्तों को निर्माण कार्यों पर पूरा ध्यान देकर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रावास-आश्रम के भवन की डिजाईन में किसी भी प्रकार का संशोधन करने के पूर्व विभाग से इसकी सूचना देकर संशोधन के अनुमति ली जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावास-आश्रमों या अन्य किसी निर्माण कार्य के लिए जारी राशि का उपयोग उसी कार्य में किया जाना चाहिए। बहुत आवश्यक हो तो विभाग से पूर्व अनुमति के बाद ही कोई परिवर्तन किया जाए। सभी सहायक आयुक्त संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत किए गए कार्यों का उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि सभी छात्रावास-आश्रमों में किचन, शौचालय, कमरे और बच्चों के रहने के कमरे साफ-सुथरे होने चाहिए।

छात्रावास एवं आश्रमों के भवन निर्माण के पूर्व वहां पेयजल की आपूर्ति हो उसे भी सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन प्रवेशित बच्चों को सभी विषयों की किताबे, कॉपियां, जूते-मोजे समय पर दे दिए जाएं। सहायक आयुक्त जिले में संचालित छात्रावास-आश्रमों एवं क्रीड़ा परिसरों की नियमित जांच करते रहें इसके अलावा प्रयास और एकलव्य आवासीय विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश और बोर्ड परीक्षा परिणाम पर भी चर्चा की गई। मंत्री डॉ. टेकाम ने परीक्षा परिणाम सुधारने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।