पढई तुंहर द्वार में जिले के शिक्षक गौतम शर्मा ने किया उत्कृष्ट कार्य : शिक्षक दिवस पर राज्यपाल अवार्ड से होंगें सम्मानित

पढई तुंहर द्वार में जिले के शिक्षक गौतम शर्मा ने किया उत्कृष्ट कार्य : शिक्षक दिवस पर राज्यपाल अवार्ड से होंगें सम्मानित

जिले में कोरोना संकटकाल में बच्चों को ऑनलाईन पढ़ाई से जोड़ने राज्य शासन की योजना पढ़ई तुंहर द्वार महत्वपूर्ण भुमिका निभा रही है। जिसमें शिक्षकों के द्वारा रोचक विडियो और अन्य तरीके से होमवर्क तैयार कर अपलोड किया जा रहा है, और इसी कारण योजना से शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएॅ बड़ी संख्या में जुड़कर ऑनलाईन पढ़ाई कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में जिले के षिक्षक श्री गौतम कुमार शर्मा प्रदेश के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। श्री गौतम कुमार शर्मा ने बहुत सारे पाठ के होमवर्क और आकर्षित एवं रोचक वीडियो बनाकर भी वेबसाईट ीजजचरूध्ध्बहेबीववस.पद पर अपलोड किये हैं, जो काफी उपयोगी है। ये प्रतिदिन बच्चों को व्हाट्सएप पर होमवर्क भी भेजते है और बच्चों द्वारा हल करके भेजने पर उसे जाँचकर पुनः भेजते है। इनके द्वारा अपने साथी शिक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल की मदद से बच्चों के घर-घर जाकर “ पढ़ई तुंहर दुआर “ की सतत् निगरानी भी की जा रही है।

शिक्षा और सामाजिक सरोकार के इनके कार्यों के लिए इस साल 5 सितम्बर 2020 को इन्हें “ राज्यपाल अवार्ड ” से सम्मानित किया जाना प्रस्तावित है।
बताते चले कि इन्होंने इस विषम परिस्थिति में अपने आपको सामाजिक सरोकार के कार्य से जोड़कर 15 मार्च 2020 से शिक्षकों की एक टीम बनाकर जिले के अनेकों गाँव में घर-घर जाकर स्वयं के व्यय से 2500 पम्पलेट छपवाकर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम और बचाव की जानकारी देने के उददेश्य से जन जागरूकता अभियान “ समझा समझाना, कोरोना सा हरवावा “ चलाया। 30 मार्च 2020 से इन्होंने जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा अन्य राज्यों में फंसे हुए जिले के श्रमिकों की जानकारी एकत्र कर उनकी समस्याओं का समाधान करने और उनकी सुरक्षित घर वापसी हेतु सौंपें गये दायित्वों का अद्यपर्यन्त बखूबी निर्वहन कर रहे है।

इतनी व्यस्तता के बाबजूद भी ये छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना ऑनलाईन शिक्षा “ पढ़ई तुंहर दुआर “ के सफल क्रियान्वयन में सराहनीय योगदान दे रहे है । बच्चों के घर-घर जाकर स्कूल शिक्षा विभाग की अधिकृत वेबसाईट ीजजचरूध्ध्बहेबीववस.पद  के बारे में जानकारी दिया और उनका पंजीयन कराया । श्री गौतम कुमार शर्मा ने बताया कि शुरूआती दिनों में “ पढ़ई तुंहर दुआर “ के शत् प्रतिशत क्रियान्वयन में कुछ दिक्कतें आ रही थी, क्योंकि विद्यालय के बहुत से बच्चों के पालकों के पास स्मार्टफोन नहीं होने के कारण वे ऑनलाईन पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे,  लेकिन फिर शिक्षक ने इस समस्या का समाधान करने के लिए एक अभिनव पहल करते हुए, उन बच्चों को चिन्हांकित कर उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी विद्यालय में गठित प्रदेश के पहले नवयुवक शालादूत समिति के शालादूतों को सौंपी । ये शालादूत प्रतिदिन  अपने घर के आस-पास के चिन्हांकित बच्चों के घर पर जाकर सोशल डिसटेंस का पालन करते हुए अपने मोबाईल से उन्हें पढ़ाकर शिक्षक द्वारा सौंपे गए दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।

श्री गौतम कुमार शर्मा अपने विद्यालय में निरन्तर नए-नए नवाचारी सहायक सामग्रियों और गतिविधियों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास करते है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ ही साथ इन्होंने अत्यंत जर्जर हो चुके शाला भवन को भी अपने अथक् प्रयासों से जीर्णोद्धार करवाकर एक आकर्षक, मनोरम और सर्व सुविधायुक्त शाला भवन में तब्दील कर, विद्यालय को जिले के एक मॉडल स्कूल के रूप में पहचान दिलाने में सफलता हासिल की है।