रायपुर : कोविड-19 से जंग में समूहों की महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान

रायपुर : कोविड-19 से जंग में समूहों की महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान

छत्तीसगढ़ में कोविड-19 से जंग में स्वसहायता समूहों की महिलाएं भी अपना उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाएं यहां बड़े पैमाने पर मास्क और सेनिटाइजर बनाने के काम में लगी हुई हैं। अपने कार्यों से ये महिलाएं जहां कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने कीमती संसाधन मुहैया करा रही हैं, वहीं राष्ट्रव्यापी लॉक-डाउन के दौर में अपने परिवार का आर्थिक संबल भी बनी हैं। मास्क व सेनिटाइजर बनाने के साथ ही वे ग्रामीणों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के तरीकों और सही ढंग से हाथ धोने के बारे में भी जानकारी दे रही हैं।

प्रदेश के 27 जिलों में 2162 स्वसहायता समूहों की 7595 महिलाएं मास्क बनाने का काम कर रही हैं। इन महिलाओं द्वारा अब तक 38 लाख 14 हजार मास्क बनाए गए हैं। इनमें से 35 लाख 20 हजार मास्क की बिक्री भी हो गई है। इन महिलाओं द्वारा बेचे गए मास्क की कुल कीमत चार करोड़ 42 लाख 18 हजार रूपए है। स्वास्थ्य एवं नगरीय प्रशासन सहित विभिन्न विभागों और स्थानीय बाजारों में स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क की आपूर्ति की जा रही है। समूहों द्वारा गुणवत्ता के हिसाब से प्रति मास्क 10 रूपए से लेकर 20 रूपए तक की दर पर आपूर्ति की जा रही है।