रायपुर : आमजन को मिले फ्लैगशिप योजनाओं का भरपूर लाभ : मुख्य सचिव : फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की

रायपुर : आमजन को मिले फ्लैगशिप योजनाओं का भरपूर लाभ : मुख्य सचिव : फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल ने कहा है कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप फ्लैगशिप योजनाओं का भरपूर लाभ आमजन को मिले। श्री मण्डल ने आज यहां चिप्स कार्यालय में राज्य सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपरोक्त दिशा-निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। बैठक में डी.के.एस पोस्ट ग्रेजुएट एण्ड रिसर्च सेंटर की गतिविधियांे, छात्रों को जाति प्रमाण पत्र वितरण, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, पौनी-पसारी योजना, मेक इन छत्तीसगढ़ को बढ़ावा देने, राशन कार्डाें की नवीनीकरण एवं वितरण और शहरी गौठानों और एथेनॉल बनाने की परियोजना के संबंध में अधिकारियों से व्यापक विचार-विमर्श किए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू और श्रीमती रेणू जी पिल्ले भी मौजूद थी।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए रायपुर स्थित डी.के.एस. पोस्ट ग्रेजुएट एण्ड रिसर्च सेंटर की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रमों और वहां पर चिकित्सा शिक्षार्थी, प्राध्यपकों के रिक्त पदों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने डी.के.एस के विभिन्न डिपार्टमेंटों में न्यूरोसर्जन, सर्जरी, नेप्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी सहित अन्य डिपार्टमेंटों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। डी.के.एस. में बेड व्यवस्था एवं बीपीएल परिवारों तथा अन्य मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चिकित्सालय को और व्यवस्थित करने, चिकित्सा व्यवस्था, विभिन्न पदों को अपग्रेड करने के आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के संबंध में की जा रही आवश्यक व्यवस्थाओं एवं योजना के शुभारंभ के लिए की जा रही कार्यवाही की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने शहरी स्लम बस्तियों के लोगों के इलाज के लिए बनाए जा रहे इन मोहल्ला क्लीनिकों में पर्याप्त दवाएं, चिकित्सों की व्यवस्था और विभिन्न प्राथमिक जांच की सुविधाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों का दिए। बैठक में पौनी-पसारी योजना की भी समीक्षा की गई।
उद्योग विभाग की समीक्षा में मेक इन छत्तीसगढ़ को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ की कृषि, वनोपज, खनिज संसाधन, तकनीकी और दक्षता पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश उद्योग विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों के विकासखण्डों में फूड पार्क की स्थापना की जानकारी भी अधिकारियों से ली। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में सीएसआर मद से कराए जाने वाले कार्याें के लिए जिला स्तर पर पॉलिसी बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसी तरह से सहकारिता के क्षेत्र में कोण्डागांव एवं बलरामपुर और कांकेर में मक्का प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना के संबंध मंे आवश्यक विचार-विमर्श किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों से राशन कार्डाें के नवीनीकरण एवं वितरण की जानकारी लेते हुए युनिवर्सल पीडीएस, वन नेशन-वन कार्ड तथा राशन कार्डाें में आधार सीडिंग के संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए तथा पिछले खरीफ विपणन वर्ष की मार्कफेड में रखे अनुपयोगी धान के निराकरण करने के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।
बैठक में शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, उद्योग विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सहकारिता सचिव श्री प्रसन्ना आर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री अलमेलमंगई डी. सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थिति थे।