प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को किया संबोधित, कहा कड़े फैसलों के लिए क्षमा मांगता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को किया संबोधित, कहा कड़े फैसलों के लिए क्षमा मांगता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिन में तीसरी बार राष्ट्र को संबोधित किया है। आज रात आठ बजे की बजाए दोपहर 11 बजे लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए कहा कि इस समय कोरोना वायरस का भयंकर संकट है। इस दौरान मैं कोई और बात करूं इसका मतलब नहीं है। मैं पहले क्षमा मांगना चाहता हूं क्योंकि गरीब भाई-बहनों को बहुत दिक्कत हुई है। बहुत से लोग हो सकता है मुझसे नाराज होंगे। मैं आपकी बात समझता हूं। 130 करोड़ लोगों के देश को कोरोना से लड़ने के लिए इसके अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं था। इसके कारण कठोर कदम उठाना जरूरी था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के हालात देखने के बाद लगता है कि यही कदम बचे हैं। कुछ लोगों को लगता है कि वो घर में बंद रहकर दूसरों की मदद कर रहे हैं। लेकिन यह भ्रम पालना ठीक नहीं है। यदि आपको अपने और अपने परिवार को बचाना है तो घर में अंदर रहना पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति कानून नहीं तोड़ना चाहता। लेकिन फिर भी कई लोग कोरोना वायरस के नियम तोड़ रहे हैं। कई देशों को खुशफहमी थी कि उन्हें कुछ नहीं होगा। लेकिन अब पश्ताचाप कर रहे हैं। आरोग्य ही सबसे बड़ा भाग्य है। नियम तोड़ने वाले अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टरों के संबंध में चरक को कोट करते हुए कहा कि धन और विशेष कामना से नहीं दया के भाव से काम करने वाला सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक होता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से हमें बचाने वाले लोग हीरो हैं। जो हमारे आसपास ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि जो होम क्वारंटाइन हुए हैं। उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। इससे मुझे दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग रखनी है। भावनात्मक दूरी नहीं रखनी है।

उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंस बढ़ाइये इमोश्नल डिस्टेंस घटाइये। लोग पूरे देश में अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। पुराने दोस्तों से बात कर रहे हैं। स्कूल के दोस्तों से यदि बात करने का मौका न मिला हो तो अब करिए। मुश्किल की ऐसी घड़ी में ऐसा पल मिला है जिसमें अपने आप से जुड़ सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बीमारी ने आपको बाहर निकलने से रोका है तो आप अपने अंदर झांकिए। नवरात्री के व्रत का मामला मेरा और शक्ति के बीच का मामला है। मोदी ने कहा कि मैं फिटनेस के लिए जो करता हूं उसे सोशल मीडिया ऐप पर डालूंगा। उन्होंने कहा कि घर पर सुरक्षित और सावधान रहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने की मरीजों से बात

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों से बात की। कोरोना से ठीक होने वाले रामगम्पा तेजा ने कहा कि पहले तो भरोसा ही नहीं हुआ कि कोरोना से संक्रमित हो गया हूं। परिवार के लोग तनाव में आ गए थे। क्वारंटाइन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि घर में रहना। उन्होंने कहा कि पूरे दिन मास्क पहनकर रखता हूं। क्वारंटाइन के दौरान घर वालों से दूर रहता हूं। क्वारंटाइन में जाना जेल में जाना नहीं है।

-आगरा के अशोक कपूर का पूरा परिवार कोरोना वायरस की चपेट में आ गया था। अशोक कपूर ने कहा कि इटली फेयर में हमारा दामाद भी गया था। जिससे हमारा परिवार संपर्क में आने पर संक्रमित हो गया था। आगरा जिला अस्पताल में हम सब दिखाने गए तो बताया कि छह लोग संक्रमित हो गए हैं। वहां से दिल्ली सफदरगंज अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने हमें वार्ड में शिफ्ट कर दिया। 14 दिन अस्पताल में हम सब अकेले रहे। डॉक्टरों ने काफी सहयोग किया। परिवार से नहीं मिलते थे, सिर्फ फोन पर बात करते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने की डॉक्टरों से बात

-दिल्ली में डॉक्टर नितीश गुप्ता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूछा कि डॉक्टरों का मन कैसा है। नितीश गुप्ता ने कहा कि सभी पूरी तरह से ठीक है। एक ही कर्तव्य है कि मरीज ठीक होकर जाए। मरीजों की काउंसलिंग को लेकर कहा कि अभी तक 16 मरीजों को ठीक कर चुके हैं। मरीजों को यही लगता है कि अब आगे क्या होगा। लोग सोचते हैं कि जो पूरी दुनिया में हो रहा है वही उनके साथ होगा। हम उन्हें समझाते हैं कि आपका मामला बहुत मामूली है। दूसरे-तीसरे दिन में उन्हें लगता है कि सब ठीक हो जाएगा।

-पुणे में डॉक्टर बोरसे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूछा है कि कब डॉक्टर से संपर्क करें और कोरोना का टेस्ट कराएं। डॉ. बोरसे ने कहा कि खासी, बुखार, जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह पर ही टेस्ट कराएं। उन्होंने कहा कि अभी तक सात लोग ठीक हो चुके हैं। सैनिटाइजेशन नहीं है तो साबुन से हाथ साफ करने हैं। स्नीजिंग-खांसी कुछ कपड़ा लगाकर करना है। इससे लोगों में फैलना संभव नहीं होगा।