जांजगीर में काला झंडा लेकर पहुंचे कांग्रेसी नेताओ को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार किया

जांजगीर में काला झंडा लेकर पहुंचे कांग्रेसी नेताओ को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार किया

जांजगीर (एजेंसी) | जांजगीर जिले के चन्द्रपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में काला झंडा दिखाने पहुंचे कांग्रेसी नेताओ को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया है। नेताओ को पुलिस ने अस्थाई जेल के रूप में अग्रसेन भवन डभरा में रखा है। जिले में हर एक क्षेत्र से कांग्रेस नेताओं को पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। बता दें कि युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस शर्मा, कांग्रेस शहर अध्यक्ष विवेक सिसोदिया, जिला कांग्रेस प्रवक्ता रफीक सिद्दकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर किसी अज्ञात स्थान पर नजरबन्द कर दिया है।

कांग्रसियों को रोकने के लिए पुलिस ने भी गोपनीय तरीके से योजना बनाई

कांग्रेसियों के काले झंडे दिखाने की घोषणा के बाद पुलिस सतर्क थी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने गोपनीय योजना बनाई। पुलिस बड़े नेताओं को बीच रास्ते से कब और किस समय रोकेगी इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पीएम की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर पहले से बिलासपुर से जांजगीर चांपा जाने वाली सड़कों पर बल तैनात कर दिया गया है। ताकि कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच पाए। पुलिस अधीक्षक आरिफ एच शेख ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाने वालों काे रोका जाएगा। इसके लिए गोपनीय तरीके से योजना बनाई गई है।




बता दें की 18 सितंबर को कांग्रेसियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के राजेंद्र नगर स्थित बंगले पर कचरा फेंक दिया। अाधे घंटे बाद एएसपी नीरज चंद्राकर के साथ पुलिस कर्मी कांग्रेस भवन पहुंचे और वहां बैठक कर रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। एएसपी चंद्राकर ने सबसे पहले एक जोरदार लाठी प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव के सिर पर मारी जिससे वे जमीन पर गिर गए। इसके बाद उनके साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों ने उन पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई। उनके साथ ही अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को लाठियों से पीटा। इतना ही नहीं कांग्रेस भवन के भीतर घुसकर पुलिसकर्मियों ने दरवाजे को लात मारकर खोला और वहां छिपे कांग्रेसियों को पीटते हुए बाहर निकाला और बस पर बिठाया। इस घटना में महिला कांग्रेस नेत्रियां भी घायल हुई। प्रदेश महामंत्री सहित 15 कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए जिन्हें सिम्स ले जाया गया।

इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष बघेल रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हो गए और रात साढ़े नौ बजे सीधे सिम्स पहुंचे और वहां घायलों का हाल जाना। इसके बाद वे कोनी थाना गए थे वहां पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। बघेल के आह्वान पर घटना के दूसरे दिन कांग्रेसियों ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। धरना खत्म करने की घोषणा करने से पहले प्रदेश अध्यक्ष बघेल ने जांजगीर में प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था।



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