कोरोना पर सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की, अगर लक्ष्ण नहीं तो 10 दिन बाद बगैर टेस्ट के भी हो सकेगी मरीजों की छुट्टी

कोरोना पर सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की, अगर लक्ष्ण नहीं तो 10 दिन बाद बगैर टेस्ट के भी हो सकेगी मरीजों की छुट्टी

रायपुर | अगर लक्ष्ण नहीं तो 10 दिन बाद बगैर टेस्ट के भी हो सकेगी मरीजों की छुट्टी, लो रिस्क वाले मेडिकल कर्मी सात दिन में ड्यूटी पर लौटेंगे कोरोना इलाज के लिए बनाई तकनीकी समिति ने मरीजों के इलाज के बाद छुट्टी और क्वारेंटाइन के नियमों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। उसके मुताबिक अब बगैर लक्षण वाले कोरोना मरीजों की अस्पताल से 10 दिन बाद बिना कोरोना टेस्ट के ही छुट्टी हो सकेगी। ऐसे मरीजों का केवल एक ही बार टेस्ट होगा।

उसके बाद लगातार दस दिन तक कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए तो मरीज की आरटी पीसीआर जांच की जरूरत नहीं होगी। हल्के लक्षण वाले मरीजों के तापमान और पल्स ऑक्सीमीटर से नियमित जांच की जाएगी। लक्षण नहीं दिखाई देने के 10 दिन बाद और तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

ऐसे मरीजों को भी अस्पताल से छुट्टी के लिए आरटी पीसीआर यानी कोरोना की जांच जरूरी नहीं होगी। किसी वजह से ऐसे मरीज जिनका पहला टेस्ट पॉजिटिव आने में दस दिन या उससे ज्यादा का वक्त लग जाता है और उनमें कोई लक्षण भी नहीं रहता, ऐसे हालात में मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद पांच दिन तक अनिवार्य रूप से कोविड अस्पताल में रखकर इलाज किया जाएगा।

भले ही वो एसिंप्टोमैटिक हो। वहीं छुट्‌टी के वक्त अस्पताल की जिम्मेदारी होगी कि वे मरीजों को बताएं कि घर में कैसे रहना है। अगर इस दौरान कोई समस्या आती है तो हेल्पलाइन 104 नंबर पर संपर्क करें। दूसरी ओर मेडिकल स्टॉफ के संबंध में अब अस्पताल के अधीक्षक या नोडल अधिकारी ही गाइडलाइन तय करेंगे।

लक्षण नहीं हो और रिपोर्ट 10 दिन बाद पॉजिटिव आए, तो 5 दिन अस्पताल में रहना अनिवार्य

  • हल्के लक्षण वाले मरीजों के तापमान और पल्स की नियमित जांच की जाएगी। लक्षण नहीं दिखाई देने के 10 दिन बाद और 3 दिन तक बुखार नहीं आने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। आरटी पीसीआर की जांच जरूरी नहीं होगी।
  • किसी वजह से ऐसे मरीज जिनका पहला टेस्ट पॉजिटिव आने में 10 दिन या उससे ज्यादा का वक्त लग जाता है। उनमें कोई लक्षण भी नहीं रहता, ऐसे हालात में मरीज को 5 दिन तक अनिवार्य रूप से अस्पताल में रखा जाएगा।
  • वहीं छुट्‌टी के वक्त अस्पताल की जिम्मेदारी होगी कि वे मरीजों को बताएं कि घर में कैसे रहना है। अगर इस दौरान कोई समस्या आती है तो हेल्पलाइन 104 नंबर पर संपर्क करें।
  • दूसरी ओर लो रिस्क वाले मेडिकलकर्मी 7 दिन में ड्यूटी पर लौट सकेंगे। हालांकि, मेडिकल स्टाफ के संबंध में अब अस्पताल के अधीक्षक या नोडल अधिकारी ही गाइडलाइन तय करेंगे।