रायपुर-बिलासपुर के बीच का सफर और भी मुश्किल होने वाला है, ब्रिज में आई तकनिकी खराबी

रायपुर-बिलासपुर के बीच का सफर और भी मुश्किल होने वाला है, ब्रिज में आई तकनिकी खराबी

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी रायपुर से बिलासपुर जाने वाली रोड पर लगे गांव धनेली में छोकरानाला पर बने नया पुल बने के जोड़ों (एक्सपांशन ज्वाइंट्स) में बड़ी तकनीकी खराबी सामने आ गई है। इस पूल को बने अभी 10 महीने भी नहीं हुए थे। छोकरानाला पर करीब 4.5 करोड़ की लागत से तैयार हुए इस पुल के सभी ज्वाइंट्स पर कंपन और आवाज की शिकायतें आ रही हैं। पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने जांच की, तब यह बात सामने आई कि खराबी काफी बढ़ चुकी है और तुरंत ट्रैफिक रोककर इसकी मरम्मत करनी पड़ेगी।

इस वजह से पीडब्ल्यूडी ने कलेक्टर बिलासपुर के ट्रैफिक के लिए इस पुल को बंद कर आसपास से डायवर्ट करने की अनुमति मांगी है। पत्र में कहा गया है कि पुल के सभी छह डायवर्सन ज्वाइंट्स बदलने में 15 दिन लगेंगे, तब तक के लिए ट्रैफिक को डायवर्ट करने की व्यवस्था की जाए। इस पुल को बंद करने के बाद रायपुर-बिलासपुर के बीच का सफर और भी मुश्किल होने वाला है। लेकिन इस खराबी ने पीडब्ल्यूडी के निर्माण क्वालिटी टेस्ट के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। इसी पुल से लगा एक और जर्जर पुल हो, जिस पर ट्रैफिक एक साल पहले से बंद है क्योंकि यह बैंड होने लगा था।

हैवी ट्रैफिक का बहाना

इस बारे में पीडब्ल्यूडी अफसरों का कहना है कि एक पुल बंद रहने की वजह से इस पुल से काफी हैवी ट्रैफिक गुजारा जा रहा था, इसलिए इसके जोड़ क्षतिग्रस्त हो गए। लेकिन जानकारों का कहना है कि हाईवे पर बनने वाले सारे ब्रिज इस मजबूती से बनाए जाते हैं कि हर तरह का हैवी ट्रैफिक झेल लें। अगर ज्यादा ट्रैफिक में यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है तो यह न सिर्फ ठेका कंपनी, बल्कि इस पुल के निर्माण पर नजर रख रहे पीडब्लूडी अफसरों की भी लापरवाही हो सकती है।

ट्रैफिक 15 दिन डायवर्ट 

पुल की मरम्मत का काम 15 दिनों तक चलेगा। इस दौरान दोनों ओर का ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। रायपुर से बिलासपुर जाने वाले वाहनों को नए पुल के आधे हिस्से से गुजारा जाएगा। जो गाड़ियां बिलासपुर से आएंगी, उन्हें सबसे नीचे वाले पुराने छोटे पुल और सर्विस रोड से डायवर्ट किया जाएगा। बता दें कि जिस ब्रिज पर अभी ट्रैफिक बंद है, उसके ठीक नीचे एक संकरी सर्विस रोड है। यह विधानसभा होकर बलौदाबाजार मार्ग को जोड़ी है। बिलासपुर से आने वाले वाहनों को इसी रास्ते से गुजारने की योजना है।

ठेका कंपनी ही बनाएगी

पीडब्ल्यूडी के मुताबिक अभी तक इस पुल को विभाग ने टेकअोवर नहीं किया गया है। इसलिए इस खराबी को ठेका कंपनी राजकमल कंस्ट्रक्शन कंपनी को ही दूर करना होगा। मरम्मत के लिए विभाग कोई भुगतान भी नहीं करेगा। अफसरों के मुताबिक एक्सपांशन ज्वाइंट अब विभाग के विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में बदले जाएंगे। यह सवाल फिर उठ रहा है कि जब पुल बन रहा था, तब विशेषज्ञों ने निर्माण की निगरानी क्यों नहीं की।

रोजाना ढाई लाख गाड़ियां 

राजधानी से बिलासपुर को जोड़नेवाली सड़क और इस पुल के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है क्योंकि यहां से 24 घंटे में बड़ी-छोटी मिलाकर लगभग 2.5 लाख गाड़ियां गुजर रही हैं। यहां महीनों से बंद पड़े पुल को लेकर भी विभाग खामोश है। इसकी न तो मरम्मत की जा रही है, और न ही इसकी जगह नया पुल बनाया जा रहा है। ऐसे में सारा ट्रैफिक एक ही पुल से गुजारा जा रहा है। अब यह भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

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