छत्तीसगढ़ में महिलाओं ने सीएम भूपेश बघेल को लिखा पत्र-शराब की दुकानें बंद होने से घर व गांव में शांति है, हमेशा के लिए बंद कर दे

छत्तीसगढ़ में महिलाओं ने सीएम भूपेश बघेल को लिखा पत्र-शराब की दुकानें बंद होने से घर व गांव में शांति है, हमेशा के लिए बंद कर दे

बालाेद. छत्तीसगढ़ के बालोद स्थित गांव देवरी (मोहंदीपाट) की सरपंच सहित 500 से ज्यादा महिलाओं ने शराबबंदी करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। सीएम को लिखी मन की बात में महिलाओं ने कहा है, लॉकडाउन के कारण अब तक शराब दुकानें बंद रहने से गांव में बहुत ही सुख शांति है। कहीं कोई झगड़ा फसाद नहीं हो रहा है, घर में भी कोई विवाद की स्थिति नहीं है। ऐसे में यह शांति और माहौल बना रहे इसलिए शराबबंदी आगे भी जरूरी है।

शराब के कारण तबाह हो जाते हैं परिवार, छिन जाती है शांति
गांव में रहने वाली कौशल्या बाई, उषा साहू, मीनाक्षी, लता साहू का कहना है कि शराब खराब है। इससे कई परिवार तबाह हो जाते हैं। घर हो या गांव नशे के कारण अशांति का माहौल रहता है। हमारा गांव राजनांदगांव व बालोद जिले की सीमा क्षेत्र में है। यहां से 10 से 15 किमी की दूरी में 3- 3 शराब दुकानें हैं। युवा वर्ग नशे की ओर बढ़ रहे हैं। इन सब को रोकने शराबबंदी ही एक जरिया है। ताकि यह सुख और शांति बरकरार रहे। जब से शराब दुकानें बंद है घर में कोई विवाद नहीं हो रहा है।

सीएम को लिखे पत्र में पीड़ा व खुशी बयां कर रही हैं महिलाएं
शराबबंदी के लिखे जा रहे इस पत्र में कोई महिला अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को बयां कर रही है तो कोई शराब बंद होने से अब तक जो खुशी मिली उसे साझा कर रही है। कुछ महिलाओं ने शराब के कारण उनके घर में पहले हुए विवादों का भी जिक्र किया है जो आज शराब बंद रहने से शांति अनुभव कर रहे हैं। इसके अलावा गांव के भी हालात सुधरने की बात कही है।

महिला सरपंच की है सोच, सभी महिलाओं ने दिया साथ
शराबबंदी का यह आइडिया गांव की सरपंच नेम बाई का है। लॉकडाउन के दूसरे-तीसरे दिन से उनके मन में यह ख्याल आया और उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी इस पर पत्र लिखने कहा। गांव की महिला कमांडो, भारत माता वाहिनी सहित अन्य संगठन भी इसमें सहभागी बने और घर से ही सभी महिलाओं ने सीएम के नाम शराबबंदी के लिए पत्र लिखा। सरपंच ने कहा कि सभी पत्रों को सीएम के पते पर भेजा जा रहा है। उम्मीद करते हैं कि उनके पत्र पर सरकार विचार करेगी।

प्रदेश में लंबे समय से उठती रही है शराबबंदी की मांग
दरअसल, प्रदेश में शराबबंदी को लेकर लंबे समय से मांग चल रही है। इन सबके बीच कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के कारण शराब दुकानें बंद हैं। महिलाओं व गांव के सभी लोगों का मानना है कि शराब ही फसाद की जड़ होती है। नशे के कारण ही कई अपराध होते हैं। जिससेे खुद और गांव का नाम भी खराब होता है। ऐसे में सीएम के नाम अपने मन की बात पत्र से भेज कर यह गांव शराबबंदी को लेकर आवाज उठा रहा है।