कांकेर : कोरोना के साथ ही कुपोषण से भी जंग : कापसखुटी के कुपोषित बालक हुआ कुपोषण मुक्त

कांकेर : कोरोना के साथ ही कुपोषण से भी जंग : कापसखुटी के कुपोषित बालक हुआ कुपोषण मुक्त

जिले में नोवल कोरोना वायरस के साथ ही साथ कुपोषण से भी जंग लड़ी जा रही हैं। कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कर उनकी देखभाल व आवश्यक उपचार तथा चिकित्सा सलाह के द्वारा कुपोषित बच्चों को कुपोषण मुक्त किया जा रहा है। इसके लिए माता को पौष्टिक भोजन बनाने के साथ ही पौष्टिक आहार की जानकारी, बीमारियों से बचाव व साफ सफाई इत्यादि के संबंध में काउंसलिंग के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।

नरहरपुर विकासखण्ड ग्राम कापसखुटी के एक वर्षीय बालक योगेन्द्र कुंजाम अब कुपोषण से मुक्त हो चुके हैं। उनकी माता श्रीमती रामेश्वरी कुंजाम और पिता श्री त्रिभुवन कुंजाम ने बताया कि योगेन्द्र गंभीर रूप से कुपोषित होने के कारण बहुत कमजोर हो गया था, बहुत प्रयास के बावजूद भी योगेन्द्र का वजन नहीं बढ़ रहा था, जिसे देखकर हम बहुत दुखी हो गये थे। बच्चे के कमजोर होने की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई तथा उनकी सलाह पर उसे 16 मई को पोषण पुनर्वास केंद्र नरहरपुर में भर्ती किया गया, जहां उसे 15 दिन तक बीएमओ डॉ. प्रशांत सिंह एवं फीडिंग डेमोनस्ट्रेटर प्रियंका सोनबेर की देख-रेख में ईलाज कर विशेष पौष्टिक आहार, माता को पौष्टिक भोजन बनाने, बीमारियों से बचाव, साफ सफाई इत्यादि,  की प्रतिदिन काउंसलिंग की गई, जिससे बच्चे का वजन बढ़ा और पहले से स्वस्थ हुआ। भर्ती के समय बच्चे का वजन बहुत ही कम 5.5 किलो था, डिस्चार्ज के समय उसका वनज बढ़कर 6.3 किलो हो गया। अपने पुत्र को देखकर
माता राजेश्वरी कुंजाम अब बहुत खुश है तथा उसकी जानकारी में आने वाले सभी कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भेजने की बात कह रही है। उन्होंने कुपोषित बच्चों की माताओं से भी अपील की है कि वे अपने बच्चें को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर कुपोषण से मुक्ति पायें। उल्लेखनी है कि कांकेर जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में एक साल के भीतर 1114 बच्चों को कुपोषण मुक्त किया जा चुका है।