दूरदर्शन के आए अच्छे दिन, ‘रामायण’, ‘महाभारत’ के कारण बना नंबर 1 चैनल, गांवों से ज्यादा शहरों में मिल रहे दर्शक

दूरदर्शन के आए अच्छे दिन, ‘रामायण’, ‘महाभारत’ के कारण बना नंबर 1 चैनल, गांवों से ज्यादा शहरों में मिल रहे दर्शक

मुम्बई : लॉकडाउन के बीच ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे पुराने सीरियल्स के पुनः प्रसारण से दूरदर्शन की व्यूअरशिप में जबर्दस्त उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, दूरदर्शन सभी एंटरटेनमेंट चैनल्स को पछाड़ते हुए पहले पायदान पर पहुंच गया है। बीएआरसी की इस साल के 13वें सप्ताह की रिपोर्ट देखें तो सभी जॉनर्स में दूरदर्शन 15,96, 923 इम्प्रेशंस के साथ टॉप पर है। वहीं, हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स की लिस्ट में भी यह 15,64,867 के साथ प्रथम स्थान पर है।

रिपोर्ट देखें तो सभी जॉनर्स में दूरदर्शन 15,96, 923 इम्प्रेशंस के साथ टॉप पर है। वहीं, हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स की लिस्ट में भी यह 15,64,867 के साथ प्रथम स्थान पर है।

सभी जॉनर्स में दूरदर्शन को करीब 16 लाख इम्प्रेेशंस मिले हैं। 
हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट की कैटेगरी में दूरदर्शन 15.6 लाख इम्प्रेशंस के साथ टॉप पर है।

और यह है प्रसार भारती का दावा

प्रसार भारती ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से दावा किया है कि एक सप्ताह के अंदर दूरदर्शन की व्यूअरशिप में 650 फीसदी बढ़ी है। 12वें सप्ताह में जहां चैनल की व्यूअरशिप 267 मिलियन से ज्यादा थी, वहीं 13वें सप्ताह में यह 2109 मिलियन से ज्यादा हो गई है।

ग्रामीण से ज्यादा शहरी क्षेत्रों में व्यूअरशिप

खास बात यह है कि दूरदर्शन की व्यूअरशिप ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा अरबन यानी शहरी क्षेत्रों में है। अरबन इलाकों में जहां 9,10,973 के इम्प्रेशंस के साथ यह पहले स्थान पर हैं तो वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 6,53.894 इम्प्रेशंस मिले हैं। यह यहां दूसरे स्थान पर है। पहला स्थान दंगल चैनल का है, जिसे 8,82,111 इम्प्रेशंस मिले हैं।

ग्रामीण इलाके में दंगल 8.8 लाख इम्प्रेशंस के साथ टॉप पर है, जबकि दूरदर्शन 6.5 लाख इम्प्रेशंस के साथ दूसरे स्थान पर है।
शहरी क्षेत्रों में दूरदर्शन को ग्रामीण इलाकों से ज्यादा देखा जा रहा है। यहां इसे 9.1 लाख इम्प्रेशंस मिले हैं और यह इस लिस्ट में टॉप पर है।

40 हजार फीसदी बढ़ी व्यूअरशिप 

बीएआरसी इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो लॉकडाउन में पुराने शोज के पुनः प्रसारण का फैसला दूरदर्शन के लिए फायदे का सौदा साबित हुआ। इनकी वजह से सुबह और शाम के बैंड में इसकी व्यूअरशिप में 40 हजार फीसदी का उछाल आया है। सिर्फ ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ ही नहीं दूरदर्शन ने अपने दो चैनल्स (डीडी नेशनल और डीडी भारती) पर 80 और 90 के दशक के कई सीरियल्स का पुनः प्रसारण शुरू किया है। इनमें ‘चाणक्य’, ‘बुनियाद’, ‘उपनिषद गंगा’, ‘अलिफ लैला’ और ‘शक्तिमान’ जैसे पॉपुलर शो शामिल हैं।

दूरदर्शन ने अपने दो चैनल्स पर कई पुराने शो फिर से टेलीकास्ट करना शुरू किया है।

‘रामायण’ 5 साल में सबसे ज्यादा देखा गया शो

रामानंद सागर की ‘रामायण’ का पहली बार प्रसारण 1987 में हुआ था। उस वक्त लोगों के बीच इसकी पॉपुलैरिटी ऐसी थी कि सड़के सूनी हो जाती थीं और ट्रेनें तक एक घंटे के लिए रोक दी जाती थीं। और आज जब इसका पुनः प्रसारण हुआ, तब भी इसकी लोकप्रियता साफतौर पर देखी जा रही है। यही वजह है कि यह पौराणिक धारावाहिक पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा देखा गया शो बन गया है। 13वें सप्ताह में इसकी व्यूअरशिप 556 मिलियन रही, जो पिछले पांच साल में किसी भी शो के लिए सबसे ज्यादा है।  ‘महाभारत’ की व्यूअरशिप 150 मिलियन है।

बाकी सीरियल्स की व्यूअरशिप

शो इम्प्रेशंस
शक्तिमान 20.8 मिलियन
ब्योमकेश बक्शी 0.8 मिलियन
बुनियाद 0.16 मिलियन
देख भाई देख 0.24 मिलियन
सर्कस 0.8 मिलियन

प्राइवेट चैनल्स को भी फायदा

दूरदर्शन की तरह कई प्राइवेट चैनल्स ने भी पुराने शो री-टेलीकास्ट करने का का फैसला लिया और इसका फायदा उन्हें मिल रहा है। मसलन स्टार प्लस ने अपने ‘महाभारत’ का प्रसारण फिर से शुरू किया है और बीएआरसी की 13वें सप्ताह की रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 1.4 मिलियन व्यूअरशिप मिल रही है। कलर्स ने अपने शो ‘राम सिया के लव कुश’ और एंड टीवी ने अपने सीरियल ‘रामायण’ का भी पुनः प्रसारण शुरू किया है, जिन्हें क्रमशः 2.1 मिलियन और 0.25 मिलियन व्यूअरशिप मिल रही है।

पुराने शोज को फिर से टेलीकास्ट करने की वजह से साउथ इंडियन चैनल सन टीवी दूरदर्शन के बाद दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल है। इसे 13,06,360 इम्प्रेशंस मिल रहे हैं। तीसरे स्थान पर दंगल है, जिसने 11,51,414 इम्प्रेशन बटोरे।