बिना लाइसेंस लिए शुरू कर दिया हैंड सैनेटाजर प्लांट, जिला प्रशासन ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों ने मारा छापा

बिना लाइसेंस लिए शुरू कर दिया हैंड सैनेटाजर प्लांट, जिला प्रशासन ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों ने मारा छापा

रायपुर(एजेंसी) : कोरोनावायरस के संक्रमण के बचने के उपायों में से एक हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल भी शामिल है। शहर की लगभग सभी मेडिकल दुकानों में कभी-कभी बिकने वाला सैनेटाइजर और सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट बन गया है। इसकी बढ़ी डिमांड में मुनाफा कमाने का खेल भी जारी है। शहर के दलदल सिवनी इलाके में एक प्लांट में ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों ने सोमवार को छापा मारा। यहां बिना लायसेंस लिए ही सैनेटाइजर बनाने का काम चल रहा था। अधिकारियों ने फिल्हाल इंडो जर्मन बायो साइंस नाम की इस संस्था के खिलाफ कार्रवाई की है। ड्रग डिपार्टमेंट के अफसर बेनीराम ने बताया कि हम जांच कर रहे हैं। किस क्वालिटी का प्रोडक्ट बन रहा था इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल बिना लायसेंस सैनेटाइजर बनाने का केस दर्ज कर रहे हैं।

सरकार भी उपलब्ध करवा रही सैनेटाइजर 

राज्य सरकार भी इस कोशिश में है कि बाजार में आम लोगों को सैनेटाजर उपलब्ध करवाया जाए। कुम्हारी की एक डिस्टिलरी ने राजधानी और लगे हुए संभागों के लिए 30 हजार लीटर सेनिटाइजर तैयार करके प्रशासन को सौंप दिया है। यह सैनिटाइजर मेडिकल स्टोर्स में पहुंचाया जा रहा है और बाद में भी रोज 6 हजार लीटर के हिसाब से सप्लाई होगा। इसी के साथ प्रशासन ने सेनिटाइजर का रेट 250 रुपए में 500 एमएल  तय कर दिया है। इससे ज्यादा रेट में सेनिटाइजर बेचा गया तो दुकानदार पर सख्ती कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।