जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में एक से बढ़कर पांच हुई डायलिसिस मशीनें

जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में एक से बढ़कर पांच हुई डायलिसिस मशीनें

किडनी से संबंधित रोगों के इलाज में गम्भीर मरीजों के लिए डायलिसिस बेहद जरूरी होता है। एक बार डायलिसिस कराने के लगभग 2500 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। ऐसे में मरीज और उनके परिजन के लिए मेडिकल खर्च वहन कर पाना मुश्किल हो जाता है। आमजन की सहूलियत और उनकी समस्याओं के निराकरण के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है।

इसी क्रम में कोरिया जिले में भी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए वर्तमान में 05 डायलिसिस मशीनें जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में उपलब्ध हैं। मरीजों और उनके परिजनों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि यहां डायलिसिस की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है।

कोरिया जिले में पूर्व से ही एक डायलिसिस मशीन के जरिए मरीजों को यह सुविधा मिल रही थी। स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से यहां 04  मशीनें और स्थापित की गई हैं जिससे कुल डायलिसिस मशीनों की संख्या अब पांच हो गई है।

प्रतिदिन 10 मरीजों को मिल सकेगी सुविधा

कोरिया जिले के कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में संचालित एक मशीन से प्रतिदिन 02 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही थी, अब जिला अस्पताल में मशीनों की संख्या बढ़ने से प्रतिदीन 10 मरीजों का डायलिसिस किया जा सकेगा। किडनी रोगियों में डायलिसिस की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मशीनों की संख्या में वृद्धि की गई है जिसके बाद विगत 15 दिवस में ही 24 जरूरतमंदों का निःशुल्क डायलिसिस किया गया है।

प्रति डायलिसिस का खर्च आता था 2500 रुपए, जिला चिकित्सालय में निःशुल्क हो रहा इलाज
जिला चिकित्सालय में डायलिसिस हेतु भर्ती मरीज 60 वर्षीय नारायण दुबे के परिजनों ने बताया कि वे पहले डायलिसिस हेतु अम्बिकापुर जाते थे, सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। एक डायलिसिस का खर्च लगभग 2500 रुपये होता था, इस तरह सप्ताह में डायलिसिस का खर्च 7500 रुपए हो जाता था। इसके साथ आवागमन और दवाइयों का भी खर्च होता था। जिला चिकित्सालय में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा से हमें बेहद राहत मिली है।

इसी प्रकार बैकुंठपुर के 68 वर्षीय रियाजुद्दीन ने बताया कि वे जून माह से जिला अस्पताल में लगातार डायलिसिस करवा रहें हैं, एक मशीन की वजह से पहले थोड़ा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब नयी मशीन लगने से यह समस्या खत्म हुई है। चरचा की 60 वर्षीय प्रेमकुमारी बताती हैं कि मैं पहले निजी अस्पतालों में डायलिसिस करवातीं थीं, जिसमें बहुत खर्च होता था, पिछले 02 माह से जिला अस्पताल में मैंने निःशुल्क डायलिसिस करवाए हैं। जिससे मेडिकल खर्च में बेहद राहत मिली है।