छत्तीसगढ़ : एनआईए ने पूर्व सरपंच सहित एक को विधायक भीमा मंडावी की मौत मामले में किया गिरफ्तार

दंतेवाड़ा : करीब एक साल पहले 9 अप्रैल को ही भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सल हमले में मौत हो गई थी। इस मामले में जांच जिम्मा एनआईए पर है। बुधवार को एनआईए की टीम ने टिकनपाल से दो लोगों को हिरासत में लिया है। टीम इनसे पूछताछ करने के लिए इन्हें अपने साथ  जगदलपुर लेकर गई थी। इसके बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। एनआईए द्वारा पकड़े गए लोगों को 6 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इनमें से एक टिकनपाल का सरपंच रह चुका माड़का ताती है, दूसरे के नाम भीमा ताती है। इन दोनों पर घटना की प्लानिंग के आरोप लग रहे हैं। हालांकि अब तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है।

जानकारी के मुताबिक भीमा मंडावी की हत्या से पहले 20 दिनों तक नक्सलियों का पूर्व सरपंच के घर में डेरा था और यहीं हमले की रणनीति बन रही थी। हालांकि पूरे मामले में एनआईए अभी इन दोनों से पूछताछ करेगी। माना जा रहा है इसके बाद अहम सुराग और कई जानकारियां टीम को हाथ लग सकती है। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि भीमा मंडावी की हत्या में शामिल नक्सलियों को एनकाउंटर में मारा गया है, गिरफ्तारी भी हुई है। टिकनपाल से दो लोगों को पकड़े जाने के मामले में एसपी ने सिर्फ इतना ही कहा कि इस पूरे मामले की जांच अब एनआईए कर रही है, लिहाजा पुलिस कुछ कह नहीं सकती।

दंतेवाड़ा से भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या 9 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव प्रचार से जिला मुख्याल लौटने के दौरान हुई थी। नकुलनार के श्यामगिरी गांव के पास आईईडी लगाकर नक्सलियों ने उनके काफिले को विस्फोट से उड़ा दिया था। इसमें विधायक भीमा मंडावी उनके ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद एंटी नक्सल ऑपरेशन के डीजी गिरधारी नायक ने दावा किया था भीमा मंडावी को अलर्ट किया गया था। उन्हें नक्सल मूवमेंट की जानकारी देते हुए दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई थी।