कोरोना के इलाज में अहम रेमडेसिवीर के जांच दल को लीड कर रहीं भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर अरुणा सुब्रमण्यम

कोरोना के इलाज में अहम रेमडेसिवीर के जांच दल को लीड कर रहीं भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर अरुणा सुब्रमण्यम

पूरी  दुनिया इस समय कोरोनावायरस महामारी से जूझ रही है। तेजी से फैल रहा यह वायरस अब तक दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका है। ऐसे में दुनिया भर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन की खोजने में लगे हुए है। इसी क्रम में कोरोना के इलाज में अहम मानी जा रही रेमडेसिवीर का तीसरे फेस का क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा है। अमेरिकन फार्मास्यूटिकल कंपनी गिलियड साइंसेस की तरफ से किए जा रहे इस ट्रायल के रिजल्ट पॉजिटिव रहे हैं। लेकिन इस ट्रायल से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि इस ट्रायल को कर रही रिसर्चर की टीम को एक भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर लीड कर रही है। डॉ अरुणा सुब्रमण्यम इन दिनों इस दवा के ट्रायल में लगातार लगी हुई हैं।

प्रशिक्षित साउथ इंडियन डांसर भी डॉ सुब्रमण्यम 

जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी से इन्फेक्शनल डिसीसेस पर फैलोशिप करने वाली डॉ अरुणा सुब्रमण्यम एक ट्रेंड साउथ इंडियन डांसर भी है। वह अमेरिका के आसपास भारतीय नृत्य शो आयोजित करने में भी मदद करती हैं। मौजूदा समय में वह स्टैनफोर्ड मेडिसिन में प्रमुख जांच दल का हिस्सा है। अपनी प्रेरणा के बारे में बताते हुए सुब्रमण्यम कहती हैं कि चिकित्सा के क्षेत्र में उन्हें जॉन्स हापकिंस की एक डॉक्टर पॉलर टकर से प्रेरणा मिली है। वह जिस तरह से मरीजों की देखभाल करती थी, उन्हें देखकर लगा कि दूसरों के लिए कुछ करने में ही इंसान को संतुष्टि मिलती है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं इस टीम को लीड कर रही हूं और हम जल्द ही अच्छे दौर में होंगे और सब अच्छा होगा।

दवा के ट्रायल का तीसरा फेस पॉजिटिव

अमेरिकी दवा कंपनी गिलियड साइंसेस के मुताबिक कोविड-19 के रोगियों के इलाज के लिए रेमडेसिवीर के क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे फेस का रिजल्ट पॉजिटिव आया है। 10 दिनों के लंबे उपचार के विपरीत रेमडेसिवीर का 5 दिन तक कोर्स लेने वाले रोगियों की स्थिति में सुधार हुआ है।. कैलिफोर्निया बेस्ड इस फार्मा कंपनी के मुताबिक कोरोनावायरस से ग्रसित रोगियों में से 50 फीसदी मरीजों की हालत में रेमडेसिवीर की वजह सुधार हुआ है। यह दवा किसी टेबलेट फॉर्म में नहीं बल्कि लिक्विड फॉर्म में होती है, जिसे नसों के जरिए मरीज के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। वहीं, आईसीएमआर ने भी कहा है कि वह कोविड-19 के मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर दवा के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है।