कोविड-19 के मरीजों के इलाज की व्यवस्था में तीन दिन के भीतर बदलाव दिखेगा। आज इस सम्बन्ध में बैठक लेकर संभागायुक्त डॉ.संजय अलंग ने विस्तृत निर्देश दिया है।
कोविड मरीजों के इलाज की व्यवस्था में सुधार के लिये डॉ. अलंग ने आज मंथन सभाकक्ष में एक बैठक रखी जिसमें कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर सहित सिम्स, स्वास्थ्य विभाग व कोविड एवं जिला अस्पताल के अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. अलंग ने निर्देश दिया कि कोविड संदिग्ध मरीजों के सैम्पल को आरटीपीसीआर टेस्ट के लिये लैब में दो शिफ्टों में भेजा जाये और सैम्पल अधिक होने पर तीन शिफ्ट में भेजें जिससे रिपोर्ट जल्द मिल सके। रुके हुए सभी टेस्ट रिपोर्ट तीन दिन के भीतर जारी किये जायें। जो स्टाफ आइसोलेशन पर जाते हैं उनके लिये स्पष्ट पॉलिसी लागू करें। रोज की डेटा इंट्री की जायेगी और जिले के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
सिम्स में स्टाफ बढ़ाये जायेंगे
सिम्स में डॉक्टर, नर्स अन्य कर्मचारी, स्वीपर की कमी दूर की जायेंगी। संभागायुक्त ने इस सम्बन्ध में डीन को प्रस्ताव देने के लिये कहा है।
सिम्स ओपीडी की व्यवस्था में सुधार लाने के सम्बन्ध में भी निर्देश दिया गया है। भीड़ की स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिये जिग जैग, गोल घेरा बनाने व बेरिकैडिंग करने के लिये कहा गया है। इस कार्य में एनजीओ की मदद भी ली जायेगी। सिम्स और जिला अस्पताल में ओपीडी में कोविड लक्षण वाले मरीजों के लिये अलग कतार की व्यवस्था की जायेगी। इससे उन मरीजों की जांच के लिये अलग व्यवस्था हो सकेगी जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट कराने वाले मरीजों के प्रवेश और निकासी की अलग व्यवस्था की जायेगी। मरीजों को कतार में खड़े होने की असुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके लिये बैठने की व्यवस्था की जायेगी।
सिम्स में नगर-निगम द्वारा सफाई अभियान चलाया जायेगा। संभागायुक्त ने निर्देश दिया कि सिम्स के अलग-अलग विभागों में हर दो घंटे में सफाई की जाये और इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाये। प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाये। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सीपेज व मरम्मत के कार्य शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश भी संभागायुक्त ने दिया।
आपात् चिकित्सा के लिये ट्राईएज सेंटर बनेगा
संभागायुक्त ने निर्देश दिया कि सिम्स एवं संभागीय कोविड अस्पताल में संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाये। संक्रमण नियंत्रण के लिये स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। कोविड मरीजों की स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार ऑर्डर ऑफ अर्जेंसी का निर्णय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लेंगे। वे तय करेंगे कि किस मरीज को किस अस्पताल में भेजा जायेगा। इससे गंभीर मरीजों को आपात् चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इसके लिये ट्राईएज सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया।
कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जायेगी
बिलासपुर में अभी कोविड मरीजों के लिये विभिन्न अस्पतालों में 1900 से अधिक बेड उपलब्ध हैं। संभागायुक्त ने बिस्तरों की संख्या दस दिन के भीतर 2500 तक करने का निर्देश दिया है।
इस लिंक पर लें उपलब्ध बेड की जानकारी
जिला प्रशासन ने एक लिंक जारी किया है जिसमें शहर के सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर,आईसीयू बेड, वेंटिलेटर आदि की जानकारी ली जा सकती है। इसे यहां क्लिक करके देखा जा सकता है- https://bilaspur.gov.in/covid-19/
कलेक्टर की अध्यक्षता में होगी मॉनिटरिंग
संभागायुक्त ने कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति गठित करने कहा है जो उपरोक्त निर्देशों का पालन करायेंगे। यह समिति प्रतिदिन कोविड अस्पतालों की सुविधाओं की मॉनिटरिंग करेगी। सीएमएचओ, सिम्स के डीन व कोविड अस्पताल प्रभारी आपस में समन्वय के साथ काम करेंगे। संभागायुक्त ने अधिकारियों से सभी निर्देशों का पालन तीन दिन के भीतर कर इसकी रिपोर्ट देने कहा है।
आज की बैठक में अपर कलेक्टर श्री बीएस उइके, सिम्स के डीन डॉ. पी. के पात्रा, नगर निगम आयुक्त श्री प्रभाकर पांडेय, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।