कोरिया : मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना : गली मोहल्लों में पहुंच रहे चलित अस्पताल

कोरिया : मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना : गली मोहल्लों में पहुंच रहे चलित अस्पताल

छत्तीसगढ़ शासन की कल्याणकारी योजना मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना जिले में जरूरतमंदों के लिए वरदान बनकर उभरी है। लोगों के घर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत आमजनों को अस्पताल तक नही जाना पड़ रहा बल्कि एमएमयू वाहन के माध्यम से अस्पताल स्वयं उनके घर तक पहुंच रहा है।योजना के द्वितीय चरण में जिले के सभी नगरीय निकायों में मोबाईल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम क्षेत्रों में शिविर लगाया जा रहा है।

*माह अप्रैल में 3 हजार से अधिक लोगों का हुआ निःशुल्क इलाज, 1 हजार से अधिक को मिली लैब टेस्ट की सुविधा*
जिले में शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अप्रैल माह में अब तक 71 शिविर लगाए गए है। शिविर में 3 हजार 819 मरीजों का इलाज किया गया है। शिविर में आये 1 हजार 316 मरीजों का निःशुल्क लैब टेस्ट एवं 2 हजार 872 मरीजों को निःशुल्क दवाईयों का वितरण भी किया गया है। निगम क्षेत्र के अंतर्गत स्लम क्षेत्र में रह रहे लोगों को घर के पास निःशुल्क इलाज, निःशुल्क टेस्ट व निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए लगातार शिविर किये जा रहे है।

जिले के सभी नगरीय निकायों हेतु 04 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक एमएमयू में 01-01 डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ए.एन.एम. एवं वाहन चालक उपलब्ध हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लगने वाले शिविर में पूरी टीम के साथ निःशुल्क जांच की सुविधा भी उपलब्ध  है। एमएमयू में 285 प्रकार की जेनरिक दवाइयां उपलब्ध हैं, जो कि आवश्यकतानुसार डॉक्टर के परामर्श पर मरीजों को निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। एमएमयू में 41 प्रकार के टेस्ट भी किए जाते है जिनमें से 29 टेस्ट एमएमयू में करने की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही 12 प्रकार के टेस्ट अनुबंधित एजेंसी के द्वारा बाहर से कराए जाते हैं।

एमएमयू में निःशुल्क इलाज एवं दवाइयों की सुविधा पाकर खुश हुए शहाबुद्दीन, मालती बाई ने कहा शासन की यह योजना निरन्तर चलते रहे, लोगों को मिल रहा लाभ

मोबाइल मेडिकल यूनिट में इलाज के लिए पहुंचे मोहम्मद शहाबुद्दीन निःशुल्क इलाज और दवाइयां पाकर खुश हुए। उन्होंने कहा कि शासन की ये सुविधा आमलोगों के लिए बहुत अच्छी है। वहीं मितानिन का कार्य करने वाली साजरा खातून लोगों को प्रेरित कर एमएमयू में इलाज हेतु प्रेरित किया।  इसी प्रकार रवि ने बताया कि वार्ड में हर हफ्ते एमएमयू वाहन आती हैं, यहां मैंने रेगुलर हेल्थ चेकअप जैसे बीपी, शुगर, रक्तजांच करवाया है। 58 वर्षीया मालतीबाई  ने एमएमयू के बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मैंने अब तक 4 बार यहां इलाज करवाकर दवाइयां ली हैं यहां की दवाईयों से मुझे और परिवारजनों को भी काफी राहत मिली है, शासन की यह योजना निरन्तर चलते रहे जिससे लोगों को सुविधाओं का लाभ मिलता रहे।