मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा ; युवा संगठनों से सरकारी योजनाओं को जन-जन पहुंचाने का किया आह्वान, कहा- ‘नीयत सही हो, तो मिलता है सबका सहयोग’

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा ; युवा संगठनों से सरकारी योजनाओं को जन-जन पहुंचाने का किया आह्वान, कहा- ‘नीयत सही हो, तो मिलता है सबका सहयोग’

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गरीबों, किसानों और मजदूरों को छत्तीसगढ़ सरकार ने हर संभव मद्द पहुंचाई है। कोरोना के संकट के दौरान भी मद्द का यह सिलसिला अनवरत रूप से जारी रहा है। हमारी सरकार की नीयत सही है, इसलिए हमें सफलता और जन सहयोग मिल रहा है। कोरोना संकट काल में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंदों की जिस तरह से बढ़-चढ़कर मद्द की है। उसकी सर्वत्र सराहना हुई है। जरूरतमंदों की मद्द में राज्य के स्वयं सेवी, समाज सेवी संस्थाओं, दान दाताओं एवं सक्षम लोगों के साथ-साथ श्रमिक तबके तक के लोगों ने अपनी स्व-स्फूर्त भागीदार बने है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज अपने निवास कार्यालय में राज्य के विभिन्न अंचलों से आए युवा संगठनों के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के बेहतरी के लिए काम कर रही है। गरीबों, मजदूरों और किसानों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने युवा संगठनों के पदाधिकारियों से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को गांव-गांव घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के गरीब तबके के लोग विकास की मुख्य धारा में शामिल हो और उनके जीवन स्तर में बदलाव आए, यह सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बीते डेढ़ सालों में किसानों और श्रमिकों को हर संभव मद्द दी है। धान खरीदी, कर्ज माफी, फसल बीमा और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों के जेबों मे सीधे राशि पहुंचायी गई है। मनरेगा के माध्यम से मजदूरों को निरंतर काम और मजदूरी दी जा रही है। तेन्दूपत्ता संग्रहण और लघु वनोपजों की खरीदी की एवज में संग्राहक परिवारों को करोड़ों रूपए की राशि दी गई है। यही वजह है कि कोरोना संकटकाल में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था गतिशील रही है। अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ व्यापार और कारोबार के मामले में अग्रणी रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की जन हितैषी नीतियों का ही यह परिणाम है कि समाज के हर तबके का, हर वर्ग का व्यक्ति को लग रहा है कि यह उनकी अपनी सरकार है और वह शिद्दत से छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में अपनी भागीदारी निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र का एक छोटा सा सेमरी गांव है। इस गांव में मनरेगा में मजदूरी करने वाले ग्रामीणों ने चंदा करके 22 हजार 100 रूपए की राशि राज्य में कोरोना पीड़ितों एवं जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी है। मजदूरों द्वारा स्वेच्छा से दी गई यह राशि उनकी संवेदनशीलता, सामाजिक सरोकार और दानशीलता की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना संकटकाल में कृषि क्षेत्र की गतिविधियों को विशेष रियायत देकर चालू रखा गया। मनरेगा के काम को भी हमने विरोध के बावजूद जारी रखा ताकि गांव के जरूरतमंदों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट न उत्पन्न होने पाए। छत्तीसगढ़ राज्य में मनरेगा के जरिए प्रतिदिन औसतन 25 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने का उल्लेखनीय काम किया गया है। समाज के सभी वर्गों के पास धन राशि की निरंतरता बने रहने के कारण व्यवसाय अप्रभावित रहा। लॉकडाउन के दौरान भी व्यापारियों और व्यवसायियों के कारोबार में काई प्रभाव नहीं पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कोरोना संकटकाल के दौरान 56 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों को तीन माह का 105 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया है। बिना राशनकार्डधारी और प्रवासी श्रमिक परिवारों के प्रति सदस्य के मान से पांच-पांच किलो चावल दिए जाने की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य यह है कि राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर बस्तर वनांचल के गांव-गांव से लेकर सरगुजा के सीमावर्ती गांव और घरों तक सरकार ने मद्द पहुंचायी है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों एवं जरूरतमंदों की मद्द के लिए किए गए प्रयासों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में लौटकर आने वाले स्थानीय श्रमिकों सहित यहां से होकर अपने गृह राज्य जाने वाले अन्य राज्यों के श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी गई। शासन-प्रशासन और जन सहयोग से राज्य में जगह-जगह श्रमिकों के लिए भोजन, चाय-नाश्ते की व्यवस्था के साथ ही जरूरतमंद श्रमिकों को चरण पादुका भी मुहैया करायी गई। अन्य राज्यों के श्रमिकों को राज्य की सीमा तक सकुशल पहुंचाने का प्रबंध भी किया गया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी के सहयोग से राज्य में कानून व्यवस्था बनी रही। उन्होंने कहा कि आप सबने यह देखा और सुना होगा कि अन्य राज्यों में अपनी जरूरतों एवं मजबूरियों के चलते घर से निकलने वालों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। लोगों को तरह-तरह की प्रताड़नाएं दी। लोगों को पुलिस की बर्बरता का शिकार होना पड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य इससे अछूता रहा। छत्तीसगढ़ के प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने जरूरतमंद लोगों की हरसंभव मद्द की। प्रवासी श्रमिकों को हमने मेहमान मानकर हर तरह की सुविधाएं मुहैया करायी।

युवा संगठनों के पदाधिकारियों ने इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और उनके सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना संकट की विषम परिस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार के काम-काज से पूरा राज्य गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों और पीड़ित लोगों की संवेदनशीलता के साथ मद्द की है। युवा संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को देश का लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने जाने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने, मनरेगा के माध्यम से जरूरतमंदों को रोजगार मुहैया कराने तथा राज्य में कारोबार उद्योग एवं कारोबार को रियायत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार जताया।