मुख्यमंत्री ने कौशल्या माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री ने कौशल्या माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ‘ एवं माता कौशल्या मंदिर परिसर, चंदखुरी के जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मंदिर में कौशल्या माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंदखुरी अब देश-दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार होगा। माता कौशल्या और भगवान राम का आशीर्वाद हमेशा हमें मिले, जिससे प्रत्येक घर में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आए।

उल्लेखनीय है कि त्रेतातायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कौशल एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। छत्तीसगढ़ राज्य में राम वनगमन पथ के विषय पर शोध प्रकाशनों के अनुसार प्रभु श्रीराम के द्वारा अपने वनवास काल के 14 वर्षों में अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किया गया था तथा उन्होंने छतीसगढ़ में अनेक स्थलों का भ्रमण किया था। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राम वनगमन पथ के स्थलों में से 9 स्थलों (सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंद्रखुरी, राजिम, सिहावा (सप्त ऋषि आश्रम), जगदलपुर, रामाराम सुकमा) को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

इस परियोजना का उददेश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों, आगंतुकों के साथ-साथ राज्य के लोगों को भी भगवान राम से जुड़े स्थलों से परिचित कराना है। इन 9 स्थलों में शामिल चंद्रपुरी में मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम की जननी माता कौशल्या का मंदिर, पूरे भारत का इकलौता मंदिर है। चंदखुरी राजधानी रायपुर से लगभग 27 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

इस अवसर पर गृह एवं पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, संस्कृति एवं खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव पर्यटन विभाग श्री चिंतामणि महाराज एवं श्री विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, धरसींवा की विधायक श्रीमती अनीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।