छत्तीसगढ़ विधानसभा : विपक्ष ने संग्रहण केंद्रों में हजारों करोड़ का धान सड़ने का आरोप लगाया, जांच की मांग पूरी नहीं होने पर वाकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा : विपक्ष ने संग्रहण केंद्रों में हजारों करोड़ का धान सड़ने का आरोप लगाया, जांच की मांग पूरी नहीं होने पर वाकआउट

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल में ही हंगामा हो गया। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही से एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का धान सड़ चुका है। खाद्य मंत्री ने इस नुकसान से इन्कार किया। विपक्ष ने विधानसभा की समिति से जांच कराने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर नाराज विपक्ष ने वॉकआउट किया।

भाजपा विधायक रजनीश सिंह ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाया। उनके प्रश्न के जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, खरीदी केंद्रों में कोई धान नहीं बचा है। पिछले महीने तक संग्रहण केंद्रों में 4 लाख 5 हजार मीट्रिक टन धान बचा हुआ था। उसको भी लगातार कस्टम मिलिंग के लिए भेजा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, वे खुद देखकर आए हैं, अधिकारियों से बात की है। संग्रहण केंद्रों में रखा धान सड़ चुका है। उन्होंने विधानसभा की समिति बनाकर मामले की जांच कराने की मांग की।

जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, कस्टम मिलिंग लगातार जारी है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर ली जाती, नुकसान की जानकारी नहीं दिया जा सकता। खाद्य मंत्री ने कहा, बरसात को नहीं रोका जा सकता। यह 15 साल तक सत्ता में रही पिछली सरकार की गलती है। उन्होंने इसकी चिंता की होती तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा, उनकी सरकार अब धान को मौसम से बचाने के लिए सभी केंद्रों में चबूतरा और शेड का निर्माण करा रही है।

इसके बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल आदि ने सरकार से तीखे सवाल पूछे। इसको लेकर सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। विपक्ष ने विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी से हस्तक्षेप का आग्रह किया। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा, इस मामले में पर्याप्त सवाल हो चुके हैं। अब दूसरे सवाल लिए जाएं। इस जवाब पर भड़के विपक्ष ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट किया।

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