योग्य वर-वधु की तलाश में परेशानी दूर करने एक हुआ यादव समाज

योग्य वर-वधु की तलाश में परेशानी दूर करने एक हुआ यादव समाज

12 फिरकों में बंटा यादव समाज एक होने जा रहा है। झेरिया यादव समाज की पहल पर सभी उपवर्ग के प्रमुख इस पर अपनी सहमति जता चुके हैं। यानी अब से सभी फिरकों में रोटी-बेटी का रिश्ता मान्य होगा। गौरतलब है कि इससे पहले तक दीगर फिरके में शादी को सामाजिक मान्यता नहीं मिलती थी। कहीं कहीं आर्थिक दंड लगाने के मामले भी सामने आए हैं। इसी रूढ़ीवादिता को खत्म करने के लिए यह पहल की गई है। एक-दो माह में यादव समाज का बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है जिसमें प्रदेशभर के प्रतिनिधि जुटेंगे। यहीं सभी फिरकों के एक होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इसे लेकर झेरिया यादव समाज की बैठक रखी गई थी। समाज के अध्यक्ष जगनीक यादव ने कहा, अलग उपवर्ग में शादी नहीं होने से योग्य वर-वधु की तलाश में परेशानी आ रही है। लोगों की समस्या सुलझाने के साथ एक यादव, एक समाज की पहचान स्थापित करने के लिए भी यह पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि यादव समाज में झेरिया, ठेठवार, कोसरिया जैसे 12 उपवर्ग हैं जाे यादव, यदु, अहीर, रावत-राउत जैसे अलग-अलग सरनेम का इस्तेमाल करते हैं। बैठक में संरक्षक डॉ. सोमनाथ यादव, जनकराम यादव, माधव यादव, माधव यादव, भुवनेश्वर यादव, निरंजन यादव, रामचंद्रन यादव आदि मौजूद रहे।

एकजुट होकर तीन और बड़े मुद्दों पर काम करेगा समाज

1. गौठानों में अध्यक्ष पद
निषाद समाज को सरकारी मत्स्य महासंघ और बुनकर समाज को बुनकर सोसाइटी में जिस तरह प्रतिनिधित्व मिलता है, समाज ने अपने लिए वैसा ही प्रतिनिधित्व प्रदेशभर के गौठानों में मांगा है। प्रदेश सचिव सुंदरलाल यादव ने कहा कि हर गोठान में यादव समाज के एक प्रतिनिधि को अध्यक्ष चुना जाना चाहिए। इसलिए भी क्योंकि गायों की देखरेख यादवों का पुश्तैनी कार्य है। मुख्यमंत्री से मिलकर समाज यह मांग रखेगा।

2. नवा रायपुर में जमीन
जरूरतमंद परिवारों के होनहार बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसलिए समाज नवा रायपुर में सर्वसुविधा युक्त छात्रावास और कोचिंग सेंटर बनाना चाहता है। यहां स्कूल-कॉलेज के छात्रों को रहने की सुविधा मिलेगी, वहीं प्रतियोगी परीक्षा की निशुल्क तैयारी भी करवाई जाएगी। समाज ने इसके लिए राज्य सरकार से 10 एकड़ जमीन देने की मांग की है। इसमें सरकार से मदद नहीं मिलने पर समाज खुद भी जमीन खरीद सकता है।
3. वन ग्रामों में स्थाई पट्टा
समाज का आरोप है कि वन ग्रामों में स्थाई पट्टा देने के मामले में यादवों से भेदभाव हो रहा है। इस पर पहले भी समाज जिम्मेदारों को ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोगों की शिकायत के बाद यह मामला दोबारा समाज के संज्ञान में आया है। पूरी बैठक में यह मुद्दा गरमाया रहा। तय किया गया है कि समाज के बड़े प्रतिनिधि इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।

Leave a Reply