जो गोले शराब लेने वालों के लिए बनाए, उसी में खड़ी हुईं महिलाएं और शुरू किया नशे के खिलाफ आंदोलन; 3 दिन से नहीं खुल सका ठेका

जो गोले शराब लेने वालों के लिए बनाए, उसी में खड़ी हुईं महिलाएं और शुरू किया नशे के खिलाफ आंदोलन; 3 दिन से नहीं खुल सका ठेका

जांजगीर. कापन गांव की देशी शराब दुकान तीसरे दिन भी नहीं खुल सकी। वजह हैं- यहां की महिलाएं। हर रोज सुबह दुकान खुलने के समय से लेकर बंद होने के वक्त तक यहां प्रदर्शन किया जा रहा है। बुधवार को इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पास के गांव मौहाडीह और मुड़पार की महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं। जिन गोलों को प्रशासन ने शराब लेने आने वालों के लिए बनवाया था, महिलाएं उसी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग की समझ और नशे के खिलाफ जागरुकता देख प्रशासन भी इन पर सख्ती नहीं दिखा पा रहा है।

आंदोलन में दिव्यांग महिला भी आई 

विरोध कर रहीं माधुरी बाई  और मीना बाई ने कहा- अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहे। हमारे इस प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन ने दुकान को हटाने का फैसला नहीं लिया। देशी शराब दुकान को बंद करने के लिए जब तक आदेश जारी नहीं किया जायेगा, गांव की महिलाओं का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। हर रोज महिलाएं यहीं बैठकर अपना वक्त बिता रही हैं। सभी के हाथ में दुकान को हटाए जाने की मांग लिखी तख्तियां होती हैं।