जोगी-माया का गठबंधन, बिगड़ा भाजपा कांग्रेस का राजनैतिक समीकरण

जोगी-माया का गठबंधन, बिगड़ा भाजपा कांग्रेस का राजनैतिक समीकरण

रायपुर ( एजेंसी) | चौथे छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 की गरमाहट धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। हर दिन नए चुनावी मुद्दे सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ती जा रही है कि आखिर इस बार का चुनाव किस तरह के नतीजे देगा? भाजपा ने अब तक चुनाव समिति नहीं बनाई है, जबकि कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ऐलान के बाद भी प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित नहीं कर सकी है। वही अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में आचार संहिता लागू हो सकती है। मतलब हफ्तेभर में भाजपा-कांग्रेस की सूची जारी होगी। इस बार चुनाव में बसपा व जोगी कांग्रेस के गठबंधन से बड़े उलटफेर की उम्मीद है।




भाजपा: अंतिम रिपोर्ट देख शाह तय करेंगे नाम

भाजपा ने अभी तक चुनाव संचालन समिति नहीं बनाई। अभी तक 4 सर्वे रिपोर्ट आ चुकीं है। अंतिम रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उम्मीदवार तय करेंगे। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में आचार संहिता लागू होने के बाद सूची जारी होगी। पार्टी ने 17 हजार शक्ति केंद्रों में टीमें बनाई हैं। भाजपा आदिवासी वर्ग और महिलाओं के दो बड़े सम्मेलन करेगी। केंद्रीय योजनाओं के भूमिपूजन-शिलान्यास में केंद्रीय मंत्री आएंगे। इस बार एक भी दावेदार न तो सीएम हाउस, न ही बड़े नेताओं के आगे-पीछे चक्कर लगा रहा है, क्योंकि इस बार कमान दिल्ली के हाथों है। वैसे भी आला नेताओं ने दावेदारों को पहले ही चेता दिया था। शाह ही नामों पर अंतिम मुहर लगाएंगे।

कांग्रेस: अब बदली गई रणनीति

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का दावा था कि अगस्त तक पहली सूची आ जाएगी। लेकिन अब बदलते समीकरण के तहत कांग्रेस ने तय किया है कि सूची आचार संहिता के बाद ही जारी होेगी। हालांकि यह प्रक्रिया तीन महीने से चल रही है। बूथ-सेक्टर से नाम मंगा लिए हैं। इस बार आवेदन ब्लॉक अध्यक्षों के जरिए आए। सर्वे रिपोर्ट देखने के बाद नाम तय किए जाएंगे। चुनाव समिति और स्क्रीनिंग कमेटी की सूचियों का मिलान होगा। पीसीसी भूपेश बघेल ने सभी नाम स्क्रीनिंग कमेटी को सौंप दिए हैं। कमेटी सितंबर अंत तक यह सूची केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपेगी। इधर, आदिवासी सीटों पर चल रहे जंगल सत्याग्रह के लिए राहुल गांधी बस्तर आने वाले हैं।



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