पत्रकारों पर आपत्तिजनक बयानबाजी, सोनी सोढ़ी के खिलाफ बीजापुर के पत्रकारों ने खोला मोर्चा

पत्रकारों पर आपत्तिजनक बयानबाजी, सोनी सोढ़ी के खिलाफ बीजापुर के पत्रकारों ने खोला मोर्चा

बीजापुर। सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी द्वारा जिले के कुछ पत्रकारों पर आपत्तिजनक बयान बाजी की जिले के पत्रकारों ने निंदा की है। इसी सिलसिले में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित पत्रकार भवन में पत्रकारों की एक बैठक भी हुई। जिसमें पत्रकारों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा करते हुए सोनी के सभी कार्यक्रम, सभाओं से संबंधित समाचारों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। दरअसल 10 अक्टूबर को गंगालूर में एड़मेट्टा न्यायिक जांच रिपोर्ट को लेकर पीड़ित आदिवासियों के पक्ष में रैली आहुत थी। इस दौरान समाज सेविका सोनी सोढ़ी ने स्थानीय कुछ पत्रकारों का नाम लेते हुए आपत्तिजनक बातें कही। हजारों की तादात में जुटे आदिवासियों के बीच बयानबाजी को स्थानीय पत्रकारों ने छवि धूमिल करने का प्रयास बताया। बैठक में मौजूद पत्रकारों का कहना था कि बीजापुर समेत दक्षिण बस्तर के पत्रकार जोखिम भरी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।

ऐसे में सोनी सोढ़ी द्वारा भरी सभा में एक-दो पत्रकारों के नाम अपनी जुबा पर लाकर आदिवासी मुद्दों से जुड़े खबरों पर पक्षपात करने, सरकार और प्रशासन के पक्ष में रहकर एक पक्षीय पत्रकारिता करने जैसी बयान बाजी ओछी मानसिकता को दर्षाता हैं। यह सर्वविदित है कि बस्तर के पहुंचविहीन इलाकों में जनहितों को लेकर यहां के पत्रकार हमेशा से पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निवर्हन करते आए हैं। स्थानीय पत्रकारांे ने सरकार के दबाव में ना आकर निष्पक्षता से पत्रकारिता की है। जिसके लिए उन्हें बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी है। कभी पैदल, कभी नदी-नालों को पार कर, कभी भूखे-प्यासे, कभी गम्पूर तो कभी एड़समेटा तो कभी सारकेगुड़ा, घटनाओं को राष्टीय स्तर की सुर्खियों में बदला है । दोनों तरफ तनी बंदूकों की परवाह ना करते यहां के पत्रकार कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमेषा से आदिवासियों की आवाज बनते रहें हैं, बाबजूद सोनी सोढ़ी द्वारा स्थानीय पत्रकारों पर आपत्तिजनक टिप्पणी, बयानबाजी से जिले के पत्रकार बेहद आहत है। बैठक में पत्रकारों ने निर्णय लिया कि सोनी अपने इस कृत्य के लिए बीजापुर के के पत्रकारों के समक्ष माफी मांगें अन्यथा विरोध स्वरूप उनके सभी कार्यक्रमों का जिलेभर के पत्रकार बहिष्कार करेंगे।