Breaking News: अश्लील सीडी कांड में भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लिया गया

Breaking News: अश्लील सीडी कांड में भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लिया गया

रायपुर एजेंसी) | राज्य के पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत के कथित अश्लील सीडी मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को मामले में फाइनल चार्जशीट पेश की। सीबीआई कोर्ट ने पीसीसी चीफ भूपेश बघेल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जाने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया है। यानि कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल 8 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल में रहेंगे। हालांकि चार्जशीट मंजूर होने के बाद भूपेश बघेल ने कोर्ट से कहा कि वे न ही वकील रखेंगे और न ही उन्हें जमानत चाहिए। उन्हें जेल भेज दिया जाए।

मामले में सीबीआई ने पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, पत्रकार विनोद वर्मा, फर्नीचर कारोबारी और बघेल के करीबी विजय भाटिया, दिवंगत रिंकू खनूजा, विजय पंड्या और कैलाश मुरारका को आरोपी बनाया था। बघेल को आईपीसी की धारा 120 बी, 469, 471 और 120 बी के तहत जेल भेजा गया है। वही विनोद वर्मा और विजय भाटिया को कोर्ट ने जमानत दे दी है। साथ ही सीबीआई कोर्ट ने विनोद वर्मा पर ब्लैकमेल की धारा को हटा दिया है। वही विजय पंड्या और कैलाश मुरारका दोनों ही फरार है।


अदालत तक पैदल गए भूपेश बघेल

सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने के लिए भूपेश बघेल अंबेडकर सर्किल से पैदल कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ कोर्ट पहुंचे। बघेल के कोर्ट जाने से पहले समर्थक अंबेडकर सर्किल पर जमा होने लगे थे। यहां बघेल ने अंबेडकर की प्रतिमा को नमन किया।




कोर्ट ने पहले चालान लौटाया फिर बाद में किया मंजूर

सीबीआई के विशेष जज सुमित कपूर ने ये कहते हुए चालान लौटा दिया कि इसमें कमियां हैं। कोर्ट ने जांच एजेंसी को कहा कि चालान में दो गवाहों के नाम हैं, जिनकी फोटो नहीं है। सीबीआई ने लंच बाद फिर पूरे दस्तावेज के साथ चालान पेश किया जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट में भूपेश बघेल, विनोद वर्मा और विजय भाटिया मौजूद रहे। बाकी दो आरोपी कैलाश मोरारका और विजय पंड्या पेश नहीं हुए। एक आरोपी रिंकू खनूजा ने जांच के दौरान आत्महत्या कर ली थी।

रविवार को अचानक रायपुर पहुंची थी सीबीआई की टीम

सीबीआई की टीम अचानक रविवार की सुबह राजधानी पहुंची। अफसरों ने सबसे पहले दिल्ली के पत्रकार और कांग्रेस के लिए काम कर रहे विनोद वर्मा को तलब किया। शाम 4 बजे वर्मा पुलिस लाइन ऑफिसर्स मेस स्थित सीबीआई के अस्थाई कार्यालय कमरा नंबर- 5 पहुंचे थे। सीडी कांड के संदेही रिंकू खनूजा के खुदकुशी के बाद सीबीआई बैकफुट पर आ गई थी। मृतक के परिजनों की ओर से प्रताड़ना का आरोप लगाने के बाद तीन महीने तक सीबीआई ने जांच की दिशा बदल दी थी। यही नहीं, अधिकांश अफसर भी दिल्ली चले गए थे।

पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था सीडी कांड

अश्लील सीडी कांड पहली बार तब सामने आया था जब छत्तीसगढ़ पुलिस ने पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने प्रकाश बजाज नाम के एक व्यक्ति की शिकायत की जांच के बाद वर्मा को गिरफ्तार करने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक, बजाज ने शिकायत में कहा था कि उसे फोन पर एक व्यक्ति ने धमकी दी है। उसने कहा है कि उसके आका की सीडी उसके पास है। इस घटनाक्रम के बाद मंत्री राजेश मूणत ने कहा था कि सीडी फर्जी है तथा उनका चरित्र हनन करने की कोशिश है।



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