रायपुर : मुख्यमंत्री ने बहन, बेटियों और ग्रामीणों की मनमांगी मुराद की पूरी, ‘भेंट-मुलाकात अभियान‘ पर लगी सौगातों की झड़ी

रायपुर : मुख्यमंत्री ने बहन, बेटियों और ग्रामीणों की मनमांगी मुराद की पूरी, ‘भेंट-मुलाकात अभियान‘ पर लगी सौगातों की झड़ी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान के चौथे दिन भटगांव विधानसभा क्षेत्र के बिहारपुर में ग्रामीणों की मांग पर सौगातों की झड़ी लगा दी। उन्होंने ग्रामीणों, छात्राओं, बहनों और संसदीय सचिव के आग्रह पर अनेक घोषणाएं कर सौगातों की झड़ी लगा दी और उनका दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री ने बिहारपुर में बहनों और बेटियों के आग्रह पर पेयजल की समस्या के समाधान के लिए 24 गांवों के क्लस्टर के लिए 24 करोड़ रूपए की राशि से नल जल योजना की घोषणा की। इसी तरह उन्होंने क्षेत्र में बिजली की समस्या दूर करने के लिए सब स्टेशन की स्थापना हेतु बिजली विभाग से परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े की मांग पर बिहारपुर में आईटीआई की स्थापना की मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री ने बिहारपुर में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने, रक्सगंडा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, ग्रामीणों के आग्रह पर बिहारपुर मुख्य सड़क मार्ग के निर्माण, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल की छात्राओं की मांग पर कन्या छात्रावास, ग्रामीणों के आग्रह पर खारपाथर हाईस्कूल के हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन, अगले वर्ष से बिहारपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा और एटीएम की सुविधा प्रारंभ करने और अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट होस्टल निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की हर घोषणा का ताली बजाकर स्वागत किया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और संसदीय सचिव श्री पारस नाथ राजवाड़े भी उपस्थित थे।

बिहारपुर भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जय महामाया महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने मुख्यमंत्री को तेंदू, जीरफूल चावल, सावा चावल और अरहर दाल की टोकनी भेंट की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि वे बिहारपुर से कई स्मृतियां लेकर जा रहे हैं, तेंदू, सावा का चावल, जीरफूल चावल और दाल सहित बहुत सी भेंट आपने दीं। श्रीमती चन्द्रकला जायसवाल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में बताया कि समूह को मिले लोन से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा, जिससे वे 20 से 25 हज़ार रुपये की कमाई कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अब महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, ये बहुत अच्छी बात है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिहारपुर में प्राकृतिक आपदा से जनक्षति प्रभावित पांच लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की।

बिहारपुर में लगभग 2.15 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिहारपुर में लगभग 2.15 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने अवंतिकापुर मुख्य मार्ग से साहू पारा रोड में 38.40 लाख रुपये के पुलिया निर्माण कार्य, 28 लाख रूपए की लागत से नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र मोहली के भवन निर्माण कार्य, जिला सूरजपुर के कैलाश नगर से छतरंग मार्ग में बलम्मा घाट पर 149.34 लाख लागत से पुलिया निर्माण का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने श्री भोपाल सिंह के घर किया दोपहर का भोजन
मुख्यमंत्री ने बिहारपुर में ग्रामीण श्री भोपाल सिंह के घर उनके साथ पालथी मार पंगत में बैठकर भोजन किया। भोजन में पेहटा, तिलौरी, रोटी, चावल, दाल, भिंडी की भुजिया, करेला भुजिया, लकड़ा की चटनी परोसी गई। मुख्यमंत्री ने भोपाल सिंह जी को बताया कि उन्होंने सनावल में भी पेहटा का स्वाद लिया था। उन्होंने श्री भोपाल सिंह को बताया कि लकड़ा को मध्य छत्तीसगढ़ में अमारी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने भोजन के दौरान श्री भोपाल सिंह जी से ली उनकी खेती किसानी की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने श्री भोपाल सिंह के आग्रह पर श्री भोपाल सिंह जी के खेत में फलदार वृक्ष लगवाकर वृक्षारोपण योजना का लाभ दिलवाने और खेत मे बोर लगवाने के निर्देश तहसीलदार को दिए। श्री बघेल ने उनके परिवारजनों से की मुलाक़ात कर उनका हाल-चाल जाना। श्रीमती राजकुंवर को साड़ी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस परिवार की बच्ची आरती की मांग पर कहा कि बिहारपुर में स्वामी आत्मानंद स्कूल खोला जाएगा। श्री भोपाल सिंह जी की मांग पर आदिवासी बालिका छात्रावास, स्वामी आत्मानंद स्कूल और मिनी स्टेडियम की स्वीकृति दी।

लापरवाह शिक्षकों पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
बिहारपुर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान एक युवक नरेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री के सामने शासकीय शिक्षकों द्वारा लापरवाही की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा उठाने पर नरेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि स्कूलों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। शिक्षक पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।