शाह पहुंचे शदाणी दरबार, संत युधिष्ठिर लाल से मुलाकात कर सिंधी समाज को साधने की क़वायद

शाह पहुंचे शदाणी दरबार, संत युधिष्ठिर लाल से मुलाकात कर सिंधी समाज को साधने की क़वायद

रायपुर (एजेंसी) | आज (21 सितम्बर) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपने एक दिवसीय प्रवास रायपुर आए हैं। अपनी मंदिर पॉलिटिक्स के तहत वे इस बार सिंधी समाज को साधने की कवायद कर रहे है। इसके लिए उन्होंने शदाणी दरबार दर्शन के लिए गए, जहां वे सिंधी समाज के संत युधिष्ठिर लाल से मुलाकात किया।


शाह आज सुबह 11 बजे ही रायपुर, माना विमानतल पहुंच गए थे। इसके बाद वे एयरपोर्ट से सीधे शदाणी दरबार गए। वहाँ से वे थोक बाजार डुमरतराई के पास स्थित कार्यक्रम स्थल में शक्ति केंद्र कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे। शाह भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में नवनिर्मित सभागार का उद्घाटन दोपहर 3.30 करेंगे।




स्वागत की तैयारी

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बताया कि शाह सुबह 11 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित शक्ति केन्द्र सम्मेलन में सम्मिलित होंगे। पार्टी अध्यक्ष का विमानतल पर स्वागत किया जाएगा। शाह कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा के मिशन 65 प्लस के संदर्भ में मार्गदर्शन देंगे। शक्ति केन्द्र सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी है।

सिंधी समाज को साधने की कवायद 

प्रदेश में सिंधी समाज के करीब ढाई लाख वोटर हैं। राजधानी रायपुर में ये करीब 60 हजार हैं। रायपुर उत्तर की सीट पर इस समाज के श्रीचंद सुंदरानी विधायक हैं। मिशन 2018 के 65 प्लस टारगेट में जुटे शाह की इससे पहले कबीर पंथ के गुरु प्रकाश मुनि से भी मुलाकात हुई।

राजधानी व कई शहरों में नगरीय निकायों में सिंधी समाज के अध्यक्ष पार्षद भी हैं।  संत से मुलाकात करके शाह भाजपा की नीतियों व सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे और उनसे चुनाव में समर्थन मांगेंगे। राजनीतिक पंडितों के अनुसार कारोबार से जुड़ा यह तबका राजनीतिक दलों में सबसे करीब भाजपा के ही है। इसके बावजूद पार्टी के नेता कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

सिंधी समाज के प्रतिनिधि के रूप में लालकृष्ण आडवानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं, तो जाने-माने वकील रामजेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री थे। हालांकि नोटबंदी व जीएसटी से बदले हालात को लेकर यह व्यवसायी समाज भाजपा से कुछ खफा लगता है। शाह इसी डैमेज कंट्रोल को लेकर बात भी कर सकते हैं। वे विधानसभा चुनाव को लेकर संत या समाज की ओर से उम्मीदवारों के रूप में संभावित नाम भी मांग सकते हैं।



Leave a Reply