राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का दूसरा दिन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अतिथियों के साथ देखी नर्तक दलों की प्रस्तुति

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का दूसरा दिन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अतिथियों के साथ देखी नर्तक दलों की प्रस्तुति

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन आज शाम मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और अतिथियों के साथ आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति देखी और उनका उत्साहवर्धन किया। इस महोत्सव के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में पारम्परिक त्यौहारों, अनुष्ठानों, फसल कटाई एवं अन्य पारम्परिक विधाओं पर आधारित प्रतियोगिता की अंतिम प्रस्तुति गोवा के नृत्य दल ने कुनबी नृत्य प्रस्तुत कर दी। कुनबी नृत्य पूर्व पुर्तगालीन काल की सामाजिक विषयवस्तु पर आधारित है जो मांड या पूजा स्थल पर किया जाता है। पारंपरिक लाल रंग की सूती साड़ी जिस पर छोटी चौकोर आकृतियां होती है, कुनबी नृत्य का परिधान है।

महिला नर्तक बालों में लाल रंग के फूल लगाती हैं। कुनबी नृत्य में महिलाएं हाथों को बांधकर घेरे में नृत्य करती है जिसे फांती प्रथा कहा जाता है। नृत्य के दौरान घूमत, महादेलम, और कासलेम आदि वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाता है। इसके बाद युगाण्डा के नर्तक दल द्वारा प्रस्तुति दी गई। दर्शकों ने नर्तक दलों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा सहित अनेक जनप्रतिनिधि दर्शक दीर्घा में उपस्थित थे।